Haunted Talab Market in Ranchi Struggles with Basic Facilities बोले रांची : बाजार में जंजाल, 70 साल में नहीं फैला सुविधाओं का जाल, Ranchi Hindi News - Hindustan
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बोले रांची : बाजार में जंजाल, 70 साल में नहीं फैला सुविधाओं का जाल

रांची के भुतहा तालाब बाजार में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है, जिससे स्थानीय व्यापार प्रभावित हो रहा है। पार्किंग, शौचालय, और सफाई की समस्याओं के कारण लोग परेशान हैं। यहां की रोशनी भी खराब है, जिससे...

Newswrap हिन्दुस्तान, रांचीWed, 2 April 2025 06:01 PM
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बोले रांची : बाजार में जंजाल, 70 साल में नहीं फैला सुविधाओं का जाल

रांची, संवाददाता। रांची के सबसे पुराने अपर बाजार का भुतहा तालाब मार्केट परिसर आज मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। करीब 70 साल से यहां चल रही दुकानों में दवा से लेकर रोजाना इस्तेमाल में आने वाले सामान आसानी से थोक भाव में उपलब्ध हैं। दस हजार से अधिक लोगों का परिवार सीधे तौर पर इस बाजार पर आश्रित हैं। बढ़ते बाजार के साथ लोगों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं। हन्दिुस्तान के बोले रांची में भुतहा तालाब के स्थानीय लोगों ने अपनी समस्याओं को साझा किया और इसमें सुधार करने के उपाय भी सुझाए। शहर के अपर बाजार स्थित भुतहा तालाब के पास वर्षों से लग रहा बस बाजार आज बड़ा व्यापारिक केंद्र तो बन चुका है, लेकिन यहां आज भी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। शहरवासियों के साथ-साथ आसपास के इलाकों आने वालों की दैनिक जरूरतों के सामान की पर्ति करने वाला यह बाजार आज बड़ी आर्थिक गतिविधि को संचालित कर रहा है। समय के साथ बाजार का आकार बढ़ा तो यहां निवास करने वालों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। आज यह करीब एक हजार दुकानों का विशाल व्यापारिक केंद्र बन चुका है। बावजूद इसके बाजार में लगी लाइट, शौचालय, मालवाहक वाहनों की नो इंट्री, झूलते जानलेवा बिजली के तार, एनक्रोचमेंट जैसी कई तरह की समस्याएं लोगों के चिंता का विषय बनी हुई है।

शुरू में यह बाजार घरेलू उपयोग की चीजों की बक्रिी का छोटा स्थान था। लेकिन शहर के विकास के साथ, इस बाजार का भी वस्तिार होता चला गया। यहां पर मूलरूप से दवा की दुकानें और स्वास्थ्य से जुड़े सामान मिलते हैं। साथ ही अन्य सामान की भी दुकानें हैं। यह बाजार स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन गया है। यहां से हजारों लोग अपनी आजीविका चला रहे हैं। बाजार के आसपास का आवासीय क्षेत्र भी धीरे-धीरे वाणज्यिकि इलाके में परिवर्तित हो चुका है। कई मकानों को दुकानों और व्यावसायिक प्रतष्ठिानों में बदल दिया गया है, जिससे यहां वाणज्यिकि गतिविधि बढ़ गई है। आज इस इलाके में 10 हजार से अधिक लोग रह रहे हैं। अधिकांश बाजार और संबंधित व्यावसायिक गतिविधियों में कार्यरत हैं।

पार्किंग बड़ी समस्या: बाजार के वस्तिार और वाणज्यिकि गतिविधियों में वृद्धि के साथ पार्किंग गंभीर समस्या बन गई है। बाजार में आने वाले लोगों के लिए पर्याप्त पार्किंग नहीं है। ऐसे में लोग सड़कों पर वाहन लगा देते हैं। इससे यातायात जाम होता है और व्यापार प्रभावित होता है। लोग वर्षों से सरकारी स्तर पर पार्किंग बनाने की मांग कर रहे हैं। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों को समस्या बताई, पर सुनवाई कहीं नहीं हुई। पार्किंग की कमी के कारण इस इलाके में आए दिन यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न होती रहती है। इसके कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी होती है, जिससे उनका समय और काम तक प्रभावित होता है। जाम से व्यापारिक गतिविधियों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, क्योंकि ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में परेशानी होती है। जाम और उससे होने वाले प्रदूषण की समस्या से स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। वाहनों के शोर, धूल-मट्टिी के उड़ने से प्रदूषण काफी बढ़ा रहता है।

रोजाना कचड़े का उठाव नहीं : इस बाजार से सराकर को ससमय टैक्स का भुगतान किया जाता है। फिर भी यहां पर बुनियादी सुविधाओं की घोर कमी है। इस इलाके में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब है। वर्तमान में निगम की ओर से प्रतिदिन कचड़े का उठाव नहीं किया जाता है। जिससे सड़क किनारे कचड़े का ढेर लगा रहता है। कचरे के कारण बारिश के मौसम में काफी परेशानी होती है। बारिश के पानी के साथ सड़क का कचरा दुकानों में घुसने लगता है और इससे बीमारी-संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

स्ट्रीट लाइटें हो चुकी हैं खराब राहगीरों से हो जाती है िछनतई

भुतहा तालाब क्षेत्र के बिजली के कई खंभों पर स्ट्रीट लाइट नहीं है। जिन खंभों पर लाइट लगी भी है तो वह जलती नहीं। इसके चलते शाम होते ही पूरे इलाके में अंधेरा छा जाता है। इसी अंधेरे का फायदा उठाकर कई बार राहगीरों से फोन की भी छिनतई हो चुकी है। महिलाएं भी सहमी रहती हैं। ऐसे में लोग अपने पैसों से स्ट्रीट लाइट लगवा रहे हैं। लोग बोले, निगम बुनियादी सुविधा नहीं दे रहा।

शौचालय की सुविधा नहीं, एक है भी तो उसका रखरखाव तक नहीं

इस बाजार में बुनियादी सुविधाओं की ऐसी कमी है कि शौचालय तक की सुविधा नहीं है। दुकानदारों ने कहा कि इस इलाके में एक हजार से अधिक दुकानें हैं। शौचालय नहीं होने से यहां काम करने वाले कर्मचयारी और सामान ढोने वाले मजदूरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। एक सार्वजनिक शौचालय है, जहां काफी गंदगी रहती है। उस शौचालय के सही रखरखाव से काफी परेशानी कम हो सकती है।

नो इंट्री व्यवस्था से 4 घंटे व्यापार पर असर, 40% कारोबार कम

कारोबारियों का कहना है कि सुबह और शाम दो-दो घंटे बाजार में मालवाहक वाहनों की नो इंट्री के कारण हर दिन चार घंटे कारोबार ठप रह रहा है। नो इंट्री की व्यवस्था से पहले जहां सुबह नौ बजे से बाजार में दुकानें खुल जाती थीं। अब 10 बजे से दुकानें खुलनी शुरू होती हैं। वहीं, छह घंटे की दुकानें चल रही हैं। उनका कहना है कि सर्फि नो इंट्री के कारण उनका कारोबार लगभग 40-50 फीसदी तक कम हो गया।

झूलते बिजली के तार से कभी हो सकता है हादसा

बाजार के दुकानदारों ने बताया कि शहर को बिजली के तार के मकड़जाल से मुक्त करने के लिए अंडरग्राउंड केबलिंग की जा रही है। वहीं, दूसरी ओर शहर के सबसे बड़े और व्यस्तम बाजार में तार का ऐसा मकड़जाल फैला हुआ है कि इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। कभी भी शॉर्ट सर्किट जैसी आपदा आई तो काफी नुकसान हो जाएगा। तार अव्यवस्थित होने के कारण बड़े मालवाहक ट्रक के प्रवेश करने में परेशानी होती है। बिजली के तार के साथ इंटरनेट फाइबर के भी तार झूल रहे हैं। रहते है। प्रशासन को इंटरनेट उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों को सख्त नर्दिेश देते हुए तारों को व्यवस्थित करवाना चाहिए। दुकानदारों ने कहा बाजारताड़ इलाके में बिजली के तारों को भी व्यवस्थित किया जाना चाहिए।

प्याऊ की नहीं होती सफाई

बाजार क्षेत्र में एक-दो जल प्याऊ तो लगे हुए हैं, लेकिन वहां के लोगों का कहना है की इसकी सफाई नहीं की जाती है। जिससे इसका पानी पीनेलायक नहीं है। यहां एक भी सरकारी बोरिंग नहीं है। गर्मी के मौसम में स्थानीय दुकानदारों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। लोगों ने बताया कि सरकार और नगर निगम की इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।

पर्याप्त पार्किंग स्थान बने

बाजार में स्ट्रीट लाइट नहीं होने से रात में लोगों को परेशानी होती है। शौचालय नहीं होने से बाजार में हर कोई समस्या का सामना कर रहा है। जाम लगने से सामान मंगवाने या भेजने में दक्कित होती है। बाजार के आसपास एक बहु-स्तरीय पार्किंग स्थल का नर्मिाण किया जाना चाहिए, जिससे पर्याप्त पार्किंग स्थान उपलब्ध हो सके।

कुमार राजा

ठेले वालों के चलते बाजार में जाम लग रहा है। जाम के कारण बाजार में कोई आना नहीं चाहता। वाहनों के लगने से बाजार काफी संकरा हो जाता है। व्यापार प्रभावित होता है। सुबह-शाम 2-2 घंटे बाजार में मालवाहक वाहनों की नो इंट्री से हर दिन 4 घंटे कारोबार ठप रह रहा है। लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

संजय सिंह

बाजार में बुनियादी सुविधाओं की कमी

पार्किंग नहीं होने से जाम लगता है। नाली की सफाई नहीं होने से ड्रेनेज प्रभावित रहता है। इलाके में गंदगी रहती है।

सुनील कुमार वर्मा

वेंडर मार्केट के पास बने शौचालय से गंदा पानी रिसता है। निगम इसकी सफाई नहीं कराता है। लोगों को सफाई करानी पड़ती है।

नमन भारतीय

बाजार में पार्किंग नहीं होने से कई व्यापारी नहीं आना चाहते हैं। शौचालय की व्यवस्था नहीं है। पेयजल की भी समस्या है।

उदय साहू

बाजार में झूलते बिजली तार से खतरा रहता है। इस इलाके में बिजली विभाग अंडरग्राउंड केबलिंग का काम करे।

कामेश्वर साहू

नो इंट्री को खत्म कर देना चाहिए। काम प्रभावित होता है। इससे भी जाम लगता है। टेंपो ज्यादा बार ट्रिप नहीं कर पाते है।

मनीष कुमार

बाजार में एनक्रोचमेंट की समस्या है। जिस कारण 20 फिट चौड़ी सड़क होने के बावजूद जाम की समस्या रहती है।

टिंकू साहू

अपर बाजार में ड्रेनेज सही नहीं से बारिश में जलजमाव होता है। शौचालय की भी व्यवस्था नहीं है। स्ट्रीट लाइट भी खराब हैं।

संजय राज

जाम की समस्ला से मुनाफा कम हो रहा है। श्रमिकों की मजदूरी बढ़ गई है। ऑटो भी मनमानी रेट वसूलते हैं।

विकास पासवान

बाजार में सीसीटीवी की व्यवस्था नहीं है। प्रशासन को यहां सीसीटीवी लगाने चाहिए, जिससे सुरक्षा बढ़ सके।

प्रमोद साव

स्मार्ट मीटर का बिल नहीं आ रहा। कुछ लोगों ने मैन्यूवल बिल लिया तो पुराने मिटर की तुलना में अधिक आया।

सतीश सिंह

पेयजल की समस्या है। प्याऊ लगे हैं, पर वर्षों से सफाई नहीं हुई है। जिस कारण उसका पानी पीने योग्य नहीं है।

अशोक सोनी

नगर निगम की ओर से नियमित सफाई नहीं कराई जा रही है। इस कारण पूरे इलाके में कचरा फैला रहता है।

वक्किी करमाली

समस्याएं

1. पार्किंग की सुविधा नहीं होने से दिनभर रहती है जाम की समस्या, कम आते हैं ग्राहक।

2. अपर बाजार इलाके में मालवाहक वाहनों की नो इंट्री से व्यापार हो रहा प्रभावित।

3. इस क्षेत्र में निगम की ओर से कचड़े का उठाव प्रतिदिन नहीं होने के कारण परेशानी हो रही।

4. शौचालय नहीं होने से कारोबारियों के साथ ग्राहकों और कर्मचारियों को परेशानी।

5. झूलते बिजली के तार से बना रहता है हादसे का खतरा, कई बार लग चुकी है आग।

सुझाव

1. अपर बाजार में पार्किंग बनाने के लिए कई बार पहल की गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ।

2. नो इंट्री को शहर से समाप्त किया जाए, ताकि बाजार सुचारू ठंग से चल सके।

3. निगम की ओर से स्वच्छता को लेकर काम करने चाहिए, प्रतिदिन कचड़े का उठाव हो।

4. मॉड्यूलर के साथ स्थायी शौचालय का हो नर्मिाण और सभी में दरवाजे लगें।

5. अपर बाजार क्षेत्र में बिजली विभाग अंडरग्राउंड केबलिंग का करे काम।

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