स्थानीय भाषा और संस्कृति को बढ़ाना आवश्यक : डॉ ज्योति वालिया
रामगढ़ के रामशोभा कॉलेज ऑफ एजुकेशन में विश्व मातृभाषा दिवस के रजत जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्राचार्या डॉ ज्योति वालिया ने दीप जलाकर शुभारंभ किया। विभिन्न भाषाओं में गीत एवं विचार प्रस्तुत...

रामगढ़, शहर प्रतिनिधि। रामशोभा कॉलेज ऑफ एजुकेशन, बनखेता, चुट्टूपालु, रामगढ़ में शुक्रवार को विश्व मातृभाषा दिवस की रजत जयंती के अवसर पर कार्यक्रम हुआ। इसका शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ ज्योति वालिया ने दीप जलाकर किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय भाषा और संस्कृति की विविधता को बढ़ावा देने और मातृभाषा के प्रति लगाव को बढ़ाने के लिए हर साल 21 फ़रवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया जाता है। डॉ वालिया ने अपनी मातृभाषा मंडीयाली में सुंदर गीत गाया। महाविद्यालय के विभागाध्यक्ष डॉ अवध किशोर सिंह ने नागपुरी भाषा मे गीत गाया। आइक्यूएसी समन्वयक अभिषेक कुमार पांडेय ने भोजपुरी भाषा मे अपने विचार व्यक्त किए। सभी व्याख्यातागण ने अपने मातृभाषा में विचार और गीत प्रस्तुत किए। शिवानी कुमारी ने भोजपुरी,सुनीति बाला चंद्र व आकाक्षां ने हिंदी मे, मनोज व गणेश ने खोरठा, दिनेश व प्रज्ञा ने भोजपुरी भाषा मे अपने विचार व गीत प्रस्तुत किए,रवि रंजन द्वारा मगही भाषा मे चैती गीत गाए। इस बीच कुछ प्रशिक्षुओ ने भी अपने मातृभाषा मे गीत व कविता पाठ किया। इस कार्यक्रम मे मंच का संचालन व्याख्याता प्रज्ञा आदित्य ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी व्याख्यातागण, गैर शिक्षक कर्मचारी, प्रशिक्षुगण आदि उपस्थित रहे।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।