Gangaur Festival Celebrated with Devotion for Marital Bliss and Prosperity गणगौर को लेकर मंदिरों व निवास स्थलों में हुई पूजा अर्चना, Kodarma Hindi News - Hindustan
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गणगौर को लेकर मंदिरों व निवास स्थलों में हुई पूजा अर्चना

गणगौर पर्व का आयोजन झुमरी तिलैया में भक्तिभाव के साथ हुआ। इस अवसर पर महिलाएं पति की लंबी उम्र और अच्छे वर की कामना के लिए ईशर-गौरा की पूजा की। नवविवाहिताओं ने छोटी गणगौर का मिलान किया और भजन-कीर्तन का...

Newswrap हिन्दुस्तान, कोडरमाWed, 2 April 2025 02:39 AM
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 गणगौर को लेकर मंदिरों व निवास स्थलों में हुई पूजा अर्चना

झुमरी तिलैया निज प्रतिनिधि। पति के दीर्घायु की कामना व बालाओं के द्वारा अच्छे वर प्राप्ति को लेकर राजस्थानी समाज का गणगौर पर्व मंगलवार को भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर अग्रवाल समाज,महेश्वरी समाज,मारवाड़ी ब्राह्मण समाज के निवास स्थलों पर सुबह में सामूहिक रूप से ईशर-गौरा (शिव-पार्वती) की पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर ईशर जी तो बांध पैंचो गौरा बाई राज संवरियो राज.... प्यार मिल जाए पिया का प्यार मिल जाए.... गीत पर कार्यक्रम स्थल गूंजता रहा। इधर श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर में भी महिलाएं सुबह अर्चना के लिए जुटी और ईशर गौरा की पूजा अर्चना की। इसमें मुख्य रूप से रजनी अग्रवाल,सुमन सर्राफ, अंजुला खाटुवाला,अलका खाटुवाला लता तुलसियान मुख्य रूप से शामिल हुई। देर शाम झुमरीतिलैया के अड्डी बंगला रोड स्थित कीर्तन भवन में नवविवाहिता व कुंवारी कन्याओं ने बड़ी गणगौर से छोटी गणगौर को मिलाया व सुख-समृद्धि की कामना की। मालूम हो कि होली के दूसरे सुबह से गणगौर पर्व शुरू होती है। इसमें खासकर नवविवाहिताएं ससुराल से मायके पहुंचकर इस पर्व में शामिल होती है। ऐसी मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान भोले शंकर को पाने के लिए 18 दिनों तक पूजन व व्रत किया था, तभी से गणगौर की परंपरा भी शुरू हुई थी। महिलाएं इसे आस्था के साथ पूजन करती है। नवविवाहिताएं इस पर्व के जरिए अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती है। वहीं कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की कामना करती है। कीर्तन भवन में सुमन चौधरी,स्नेह पचीसीया,रश्मि शर्मा,प्राची जोज़ही,संध्या दारूका,सोनिया भारद्वाज,ऐश्वर्या खेतान,सोनी कंदोई सहित नवविवाहिता जुटी और संगीतमय भजनों का कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बाद में ईशर-गौरा की बनी मूर्तियों को तालाब व जलाशयों में विसर्जित किया गया। विसर्जन के समय नवविवाहिता काफी भावुक नजर आयी। मालूम हो कि गणगौर पर्व की समाप्ति के बाद वे अपने-अपने सुसराल चली जाएगी। इस अवसर पर कीर्तन भवन में काठ की बनी ईशर-गौरा की प्रतिमा का श्रृंगार किया गया। अड्डी बंगला रोड स्थित कीर्तन भवन में नविववाहिताओं ने कहा कि विवाह के बाद लगातार वे 18 दिनों तक गणगौर पूजा की। गत सोमवार से बड़ी गणगौर से पूजा-अर्चना हुई। वहीं गौर बिदौरा निकाला गया। अंतिम दिन 16 कुओं का पानी ईशर-गौरा की प्रतिमा को पिलाया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन विमला शर्मा,प्रमिला सोमानी,नीना सुखानी,पारो पचीसिया, रश्मी पचीसिया,मधु केडिया,चंदा मोदी,उषा शर्मा,सुमित्रा अग्रवाल,शोभा खटोड़,रेणु संघई, मीता माहेश्वरी,मोहानी देवी,कविता माहेश्वरी,सिमा सरावगी,रचना सरावगी,अंजू लड्ढ़ा,सुनीता पोद्दार,पायल शर्मा,मूली शर्मा,सुजाता जोशी आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा

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