कुरुमडीहा से निकली भव्य कलश यात्रा
झारखंड के कुरुमडीहा में सात दिवसीय शतचंडी महायज्ञ की शुरुआत एक विशाल कलश यात्रा के साथ हुई। सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लिया, जिसमें वैदिक पंडितों ने मंत्रों का उच्चारण किया। महिलाएं जल कलश लेकर चलीं और...

झारखंडधाम/रेम्बा, हिटी। सात दिवसीय शतचंडी महायज्ञ को लेकर मंगलवार को कुरुमडीहा टांड़ पर से विशाल कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें सैकड़ों ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। शोभा यात्रा की अगुवाई आचार्य सुबोध उपाध्याय एवं वैदिक पंडितों की टोली कर रही थी। वैदिक ऋचाओं का सस्वर पाठ करते हुए वैदिक पंडित आगे आगे चल रहे थे। शंखध्वनि भी बीच बीच में हो रही थी। उसके पीछे दो पंक्तियों में कतारबद्ध महिलाएं जल कलश को माथे पर लेकर कलश यात्रा की शोभा बढ़ा रही थी। ध्वजा पताका लेकर युवा आगे आगे सड़क के दोनों किनारों पर चल रहे थे। कलश यात्रा में शामिल 351 महिलाएं तिलौना सीमाना पर अवस्थित नदी के तट पर गई। वहां वैदिक विधानों से उपचारित जल को पवित्र कलशों में भरा गया। जल भरने के पूर्व इंद्रादि देवताओं का आह्वान वैदिक मंत्रों के साथ किया गया। वैदिक पंडितों ने वेद की ऋचाओं का सस्वर पाठ किया। जल भरने के बाद कलश यात्रा टांड़ पर स्थित यज्ञ स्थल पर आकर समाप्त हुई। बता दें टांड़ पर स्थान को चगरिया टीला कहा जाता है जो रेम्बा पंचायत के राजस्व ग्राम मल्हो का टोला है। बगल में ही कुरूमडीहा गांव है जो फतहा पंचायत के अधीन है। दोनों गांवों ने मिलकर देवी मंदिर का निर्माण करवाया है। उक्त मंदिर की देवी की प्राण प्रतिष्ठा के निमित महायज्ञ का आयोजन किया गया है। महायज्ञ में विशाल पंडाल, भव्य यज्ञ मंडप एवं जगमग लाइटों से सजाया गया है। श्रद्धालुओं को अंतराष्ट्रीय कथा वाचिका गौरांगी गौरी कथा सुना रही हैं। उनको सुनने के लिए क्षेत्र से लोगों की हुजूम उमड़ रही है।
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