पेशेवर जीवन में धैर्य और साहस को अपनाएं छात्र
प्रख्यात ओडिया लेखक गौरहरि दास ने IIT धनबाद में 'चाहे रात कितनी भी लंबी हो, सुबह जरूर होगी' विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने धैर्य और साहस का महत्व बताया और छात्रों को अपने जीवन में इन्हें अपनाने के...

धनबाद, मुख्य संवाददाता प्रख्यात ओडिया लेखक गौरहरि दास ने मंगलवार को आईआईटी धनबाद में चाहे रात कितनी भी लंबी हो, सुबह जरूर होगी विषय पर व्याख्यान दिया। संस्थान के गोल्डन जुबिली हॉल में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने धैर्य और साहस पर जोर देते हुए कहा कि दुख अपरिहार्य है। साहस का स्वागत किया जाना चाहिए। धैर्य रखना अनिवार्य है। समाज में टिके रहने के लिए आत्म संदेह को त्यागकर संघर्ष करना ही एकमात्र मार्ग है। यह आयोजन संस्थान के शताब्दी विशिष्ट व्याख्यान श्रृंखला के तहत हुआ।
उन्होंने विस्तार से साहित्य समेत अन्य मुद्दों पर बात की। छात्रों को अपने व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में धैर्य और साहस को अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बताते चलें कि गौरहरि दास को साहित्य अकादमी पुरस्कार, ओडिशा साहित्य अकादमी पुरस्कार, सरला पुरस्कार सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। गौरहरि दास की कई साहित्यिक रचनाओं को फिल्मों में रूपांतरित किया गया है। उनकी कहानियां आसामी, माया और शिकुली नाटकों के रूप में भी प्रस्तुत की गई हैं, जिन्हें धीरा मलिक, पवित्र महंती, दर्पा सेठी, और अजीत दाश जैसे प्रसिद्ध निर्देशकों ने मंच पर उतारा है। मौके पर प्रो. रजनी सिंह डीन, प्रो. आलोक दास डीन, प्रो. जेके पटनायक समेत अन्य शिक्षक व अधिकारी उपस्थित थे।
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