मेडिकल कॉलेजों में लगेगी एमआरई मशीन और सीटी स्कैन
झारखंड सरकार अब मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में मरीजों के लिए एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनें खरीदेगी। धनबाद मेडिकल कॉलेज को एक-एक मशीन मिलेगी। इससे मरीजों को सस्ते और सुलभ इलाज की सुविधा मिलेगी, और उन्हें...

धनबाद, प्रमुख संवाददाता झारखंड के मेडिकल कॉलेजों अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को अब एमआरआई और सीटी स्कैन के लिए प्राइवेट सेंटरों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। राज्य सरकार छह मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) और छह कंप्यूटेड टोमोग्राफी (सीटी) स्कैन मशीनें खरीद रही है। झारखंड मेडिकल एंड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोक्योरमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेएमएचआईडीपीसीएल) ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों की मानें तो जल्द ही इन मशीनों को विभिन्न मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में स्थापित किया जाएगा। धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल को एक एमआरआई और एक सीटी स्कैन मशीन मिलेगी। इसके अलावा एमजीएम मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर, दुमका मेडिकल कॉलेज, पलामू मेडिकल कॉलेज और हजारीबाग मेडिकल कॉलेज को भी एक-एक मशीन दी जाएगी। इसके अतिरिक्त एक एमआरआई और एक सीटी स्कैन मशीन रांची के सदर अस्पताल में लगाई जाएगी।
बता दें कि धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अब तक एमआरआई और सीटी स्कैन मशीन उपलब्ध नहीं है। मरीजों को इसके लिए निजी केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता था। वहां उन्हें अधिक पैसे खर्च करने पड़ते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। हालांकि यहां पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड में संचालित एक सीटी स्कैन मशीन लगी है। इसमें मरीजों को सरकारी दर से शुल्क देना पड़ता है। सरकारी अस्पतालों में ये मशीनें लगने से मरीजों को कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी। न सिर्फ उन्हें सस्ता और सुलभ इलाज मिलेगा, बल्कि उन्हें जांच के लिए इधर-उधर भटकना भी नहीं पड़ेगा।
अधिकारियों की मानें तो झारखंड सरकार का यह कदम स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे न केवल मरीजों की परेशानियां कम होंगी, बल्कि सरकारी अस्पतालों पर लोगों का विश्वास भी बढ़ेगा। अब मरीजों को बेहतर जांच सुविधाएं मिलेंगी। उनका इलाज पहले से अधिक सुलभ और किफायती होगा।
कर्मचारियों की होगी नियुक्ति
अधिकारियों की मानें तो एमआरआई और सीटी स्कैन के संचालन के लिए कर्मचारियों की भी नियुक्ति होगी। टेंडर प्रक्रिया में इसका भी प्रावधान कर दिया गया है। एमआरआई और सीटी स्कैन को सातों दिन 24सों घंटे संचालन के लिए जरूरत के अनुसार डिग्री या डिप्लोमाधारी टेक्नीशियन रखें जाएंगे। इनके पास कम से कम दो साल का अनुभव होना जरूरी है। इसके अलावा डाटा इंट्री ऑपरेटर भी रखे जाएंगे। इसके लिए अनुभव एक से दो साल का निर्धारित है।
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