पत्थर व छाई युक्त कोयला लेने से मोनेट कोल वाशरी प्रबंधन ने किया इंकार
सीबीआई और विजिलेंस की जांच हो: सबूर गोराईसीबीआई और विजिलेंस की जांच हो: सबूर गोराई चासनाला प्रतिनिधि बीसीसीएल के पाथरडीह कोल वाशरी स्थित मोनेट वाशरी प

चासनाला। बीसीसीएल के पाथरडीह कोल वाशरी स्थित मोनेट वाशरी पहले कोयला के साथ पत्थर की आपूर्ति से परेशान था। अब पत्थर के साथ छाई भी भेज रही है। जिसके कारण करोड़ो की लागत से बनी वाशरी धीरे धीरे बर्बाद हो रही है। पत्थर से प्लांट के कल पुर्जे टूट रहे हैं तो छाई से वाश कोल की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। सोमवार की देर रात व मंगलवार की सुबह दो रैक पत्थर व छाई युक्त कोयला भेजा गया। जिससे पाथरडीह रेलवे साईडिंग में पत्थर, छाई के अंबार लग गया है। मिवान प्रबंधन ने मंगलवार को कोयला लेने से मना कर दिया है। वही मिवान प्रबंधन ने इसकी सूचना बीसीसीएल के उच्च अधिकारियों को दे दी है। वही अब मज़दूरों के सामने रोजी रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है। मज़दूरों का कहना है कि पूरा वाशरी ओबी व छाई के पहाड़ से भर गया है। आये दिन वाशरी प्लांट में भारी पत्थरों से प्लांट के कलपुर्जे टूट रहे हैं। जिससे प्लांट बंद होने का भय सता रहा है। बीसीसीएल प्रबंधन एक साजिश के तहत पाथरडीह मिवान प्लांट को बंद करना चाहता है। उक्त मामले में माले नेता सबूर गोराई ने कहा कि यह पत्थर आने का सिलसिला आज का नहीं है। बीसीसीएल कम उत्पादन कर अधिक दिखाने के का परिणाम हैं। मार्च महीने में ओवर रिपोटिंग दिखाने के लिए कोयले को छाई, पत्थर व बालू मिलाकर विभिन्न वाशरी में भेज दिया जाता है। प्लांट का सीबीआई और विजिलेंस के साथ ट्रेड यूनियन के उच्च अधिकारियों के साथ जांच हो, जिससे पता चलेगा कि वाशरी प्लांट को किस तरह कबाड़ बनाया जा रहा है। जो वाशरी प्रत्येक वर्ष हजारों करोड़ का लाभ देती हैं। उसे प्रबंधन एक साजिश के तहत बंद करना चाहती है। बीसीसीएल प्रबंधन अगर अब भी नहीं सुधरती है तो बीसीकेयू व माले उग्र आंदोलन करेंगी।
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