बीसीसीएल: चिन्हित 16 खदानों में 7 मिलियन टन क्षमता की खदानें आवंटित
बीसीसीएल ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 40.55 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया, जो लक्ष्य से कम है। 16 चिह्नित खदानों में से 7 मिलियन टन की खदानों का आवंटन किया गया है। अगले वित्त वर्ष में उत्पादन में...

धनबाद, विशेष संवाददाता वित्तीय वर्ष 2024-25 में बीसीसीएल ने 40.55 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया। कंपनी लक्ष्य से पीछे रही है। वैसे चिह्नित 16 खदानों में सात मिलियन टन क्षमता की खदानों का आवंटन कर दिया गया है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 में कोयला उत्पादन में इससे वृद्धि की पूरी संभावना है। चिन्हित 16 खदानों से सालाना 13.30 मिलियन टन कोयला उत्पादन में वृद्धि का अनुमान है।
वित्तीय वर्ष 2025-25 पर जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि पहली बारमाइन डेवलपर एंड ऑपरेटर मोड के तहत एनटीएसटी कुजामा, लोदना क्षेत्र में अप्रैल 2024 में कोयला उत्पादन प्रारंभ हो गया है। इसके अलावा बीसीसीएल कोयले की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए भी निरंतर प्रयास कर रहा है। तृतीय-पक्ष नमूना परीक्षण के अनुसार कोयले का ग्रेड कंफर्मेशन 94% दर्ज किया गया, जो कोयला मंत्रालय द्वारा निर्धारित 90% मानक से अधिक है।
15% की वृद्धि के साथ पिछले 25 वर्षों में सर्वाधिक, कच्चे कोयले की फीडिंग 56 लाख टन दर्ज की गई जबकि इस्पात उद्योग को वाश्ड कोल की आपूर्ति का आंकड़ा 17.02 लाख टन (20 वर्षों में सर्वाधिक, 16% वृद्धि) रहा। वाशरी उप-उत्पाद निपटान (बाय-प्रोडक्ट डिस्पोजल) में भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल हुई। 77% की वृद्धि के साथ वाशरी रिजेक्ट्स 8.67 लाख टन दर्ज किया गया, जबकि 5% की वृद्धि के साथ वाश्ड पावर कोयला 28.95 लाख टन रहा। भारत में पहली बार कोयला वाशरी मुद्रीकरण की पहल करते हुए बीसीसीएल ने दुग्दा वाशरी (2.0 एमटीपीए) को 25 वर्षों के लिए 762 करोड़ रुपये में पट्टे पर दिया। इसके अलावा सुदामडीह वाशरी (1.6 एमटीपीए) के लिए भी आरएफपी जारी किया।
कोयला उत्पादन और परिचालन
- चौथी तिमाही में 11.44 मिलियन टन का अब तक रिकॉर्ड उत्पादन
- मार्च 2025 में 4.33 मिलियन टन का कोयला उत्पादन का रिकॉर्ड
- 2024-25 में कोयला उत्पादन 40.50 मिलियन टन रहा, जो दूसरा सर्वाधिक रिकॉर्ड
- रेलवे डिस्पैच में 6% की वृद्धि के साथ बीसीसीएल का ऑफटेक 38.25 मिलियन टन
- भूमिगत कोयला उत्पादन में 49% की बढ़ोतरी दर्ज की गई
वित्तीय उपलब्धियां
- बीसीसीएल ने 5 अगस्त,2024 को कोल इंडिया को 44.43 करोड़ का अपना पहला लाभांश दिया
- बीसीसीएल ने 104 करोड़ (₹ 63.87 करोड़ मूलधन और₹ 40.12 करोड़ ब्याज) का आयकर रिफंड हासिल किया
- इस वर्ष पिछले 10 वर्षों में सबसे अधिक 406.00 करोड़ का आयकर भी चुकाया
- 1000 करोड़ के मुकाबले 1100 करोड़ का पूंजीगत व्यय किया है
- जेम के माध्यम से खरीद का आंकड़ा बढ़कर 4,155.83 करोड़ रुपये (3,060 करोड़ रुपये के लक्ष्य का 136%) हो गया है
- भारी मशीनरी के लिए 68.06 करोड़ रुपये और आईटी पहल के लिए 120.47 करोड़ रुपये की खरीदारी
नेट जीरो प्रतिबद्धता : 4.088 मेगावाट की रूफटॉप सौर ऊर्जा
बीसीसीएल ने 4.088 मेगावाट की रूफटॉप सौर ऊर्जा चालू करने, भोजूडीह में 25 मेगावाट और दुग्धा वाशरी में 20 मेगावाट के लिए कार्य आदेश और सेंट्रल टाउनशिप में 2 मेगावाट के लिए निविदा के साथ अपने नेट जीरो लक्ष्यों को आगे बढ़ाया। 22 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण किया और आकाशकिनारी (4.5 हेक्टेयर) एवं मूनीडीह (0.9 हेक्टेयर) में दो नये इको-पार्क विकसित किए हैं। इसके साथ ही, कंपनी के बेड़े में 4 मैकेनिकल स्वीपर और 16 फॉग कैनन जोड़े गए। फ़िल्टर प्लांट्स के माध्यम से 21.69 मिलियन गैलन प्रति दिन की जल आपूर्ति सुनिश्चित की गई।
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