सारठ : गर्मी शुरू होने से पहले पेयजल संकट गहराया
सारठ प्रतिनिधिगर्मी शुरू होते ही सारठ मुख्य बाजार व अन्य मोहल्लों में पेयजल समस्या बढ़ गयी है। वर्षों पूर्व पेयजलापूर्ति के लिए निर्मित जलमीनार दो व

सारठ प्रतिनिधि गर्मी शुरू होते ही सारठ मुख्य बाजार व अन्य मोहल्लों में पेयजल समस्या बढ़ गयी है। वर्षों पूर्व पेयजलापूर्ति के लिए निर्मित जलमीनार दो वर्षों से बेकार पड़ा है। स्थानीय ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगायी। परंतु आज तक सारठ के लोगों को शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हो पा रहा है। वहीं आने-जाने वाले राहगीरों के लिए मुख्य चौक व बाजार में सार्वजनिक पेयजल की सुविधा नहीं है जिस कारण आने-जाने वाले राहगीरों को पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों व छोटे- छोटे दुकानदारों का कहना है कि सप्लाई पानी लगभग दो वर्षों से नहीं मिल रहा है। सप्लाई पानी नहीं मिलने से ग्राहकों समेत राहगीरों को पानी पिलाने के लिए जार का पानी खरीदना पड़ता है। इसके लिए रोजाना गृहस्वामियों व दुकानदारों को पेयजल के लोई 100 रुपए से 150 रुपए तक का पानी खरीदने में रोजाना अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है। पानी खरीदने के कारण छोटे-छोटे दुकानदारों की कमाई पर भी असर हो रहा है। आने वाले दिनों के तेज धूप व गर्मी मके दौरान सारठ आने-जाने वाले राहगीरों को भी पेयजल के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। सारठ में ग्रामीणों के लिए पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि सारठ में न पेयजल, ना शौचालय और न ही अन्य किसी तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं। सारठ होकर गुजरने वाली निर्माणाधीन एनएच-114-ए उखाड़कर छोड़ दर गयी है, जिससे सारठ के दोनों छोर पर सड़क काफी जर्जर हो चुकी है।
क्या कहते हैं मुखिया :-
बीते वर्षों में कई बार सारठ में पेयजलापूर्ति सुचारू रूप से चलाने के लिए मोटर पंप से लेकर पाइपलाइन दुरुस्त कराया, परंतु बरसात में नदी में मोटर व पंप धंस गया व पेयजलापूर्ति बंद हो गई। उसके बाद कई बार विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी व पेयजलापूर्ति बहाल करने की गुहार लगायी परंतु अधिकारियों के ढुलमुल रवैये व उदासीनता के कारण दो वर्षों से पेयजलापूर्ति बंद है। सरकार द्वारा सारठ में बेहतर पेयजलापूर्ति के लिए नई टंकी का निर्माण किया जा रहा है। जल्द ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होने की उम्मीद है।
अनिल राव, मुखिया प्रतिनिधि, सारठ पंचायत।
आवंटन के अभाव में टंकी का रख-रखाव व मरम्मत नहीं हो पा रहा है। साथ ही पेयजलापूर्ति के लिए ग्रामीणों द्वारा प्रत्येक परिवार द्वारा मेंटेनेंस व रख-रखाव के लिए 62 रुपए मासिक राशि देने का प्रावधान है, परंतु ग्रामीणों द्वारा भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे मेंटनेंस में समस्या उत्पन्न हो रही है। बावजूद विभागीय मंत्री द्वारा बंद पड़े सभी वृहद जलापूर्ति योजनाओं की इस्टीमेट मांगा जा रहा है। विभाग द्वारा मेंटनेंस का निर्देश मिलते ही बंद टंकी से पेयजलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
आशुतोष कुमार, सहायक अभियंता।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।