चतरा- हजारीबाग जिले के सीमांत क्षेत्र में सड़क नहीं रहने से ग्रामीणों को होती है परेशानी
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पत्थलगड्डा, प्रतिनिधि। अतिनक्सल प्रभावित मेराल पंचायत के जेहरा गांव के ग्रामीणों को प्रखंड मुख्यालय से काफी दूरी होने के कारण हजारीबाग जिले के नजदीकी प्रखंड कटकमसांडी विभिन्न कार्यों से बराबर आना- जाना लोग करते हैं। लेकिन चतरा जिले एवं हजारीबाग जिले के सीमांत क्षेत्र पर 4 किलोमीटर सड़क नहीं बनने के कारण मेराल पंचायत के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जेहरा के यशवंत सिंह भोक्ता, भूतपूर्व मुखिया हीरा गंझू, बिनोद यादव, ठाकुरी प्रजापति, डेगन प्रजापति, सुखदेव भुइयां, पूनम देवी, सरस्वती देवी, सरिता देवी, झरनी देवी सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि प्रखंड मुख्यालय की दूरी मेराल पंचायत से करीब 16 किलोमीटर है जबकि हजारीबाग जिले के कटकमसांडी मात्र 6 किलोमीटर की दूरी है। जहां से प्रतिदिन मेराल पंचायत के कई गांवों के ग्रामीण विभिन्न कार्यों से पगडंडी के सहारे आना-जाना करते हैं। अगर यह पगडंडी सड़क में तब्दील हो जाता है तो अति नक्सल प्रभावित मेराल पंचायत के लोगों को हजारीबाग जैसे बड़े शहरों से कई कार्यों के लिए सुविधा प्राप्त हो सकेगा। वहीं ग्रामीणों ने झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री से सड़क बनाने की मांग करते हुए कहा कि इस समय सरकार बहुत तेजी से कार्य कर रही है, लेकिन अगर हजारीबाग के कटकमसांडी प्रखंड एवं चतरा के पत्थलगड्डा प्रखंड के सीमांत क्षेत्र में 4 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो जाए तो कटकमसांडी प्रखंड के एवं पत्थलगड्डा प्रखण्ड के ग्रामीणों के लिए कई कार्यों को लेकर सुगमता प्राप्त होगी।
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