डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ ‘अटैक’ का सबसे बड़ा शिकार कौन? भारत कहां खड़ा
- डोनाल्ड ट्रंप के जवाबी टैरिफ लागू करने से अमेरिका के कई देशों के साथ व्यापारिक तनाव बढ़ सकता है। विशेष रूप से चीन, भारत, मेक्सिको और वियतनाम जैसे देशों के साथ तनाव बढ़ने की संभावना है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए ‘फेयर एंड रेसिप्रोकल टैरिफ’ को बुधवार 2 अप्रैल से लागू कर दिया जाएगा। ट्रंप ने इसे ‘लिबरेशन डे’ करार दिया है और कहा है कि यह सभी देशों को प्रभावित करेगा। हालांकि, कुछ देश इस नीति से अधिक प्रभावित होंगे, जबकि कुछ पर इसका असर अपेक्षाकृत कम होगा। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि इसका किन देशों पर सबसे ज्यादा और सबसे कम असर करेगा? इन सबमें भारत कहां खड़ा है।
ट्रंप की यह टैरिफ नीति अमेरिका के व्यापार घाटे को कम करने और घरेलू उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई गई है। लेकिन, इसके चलते कई देशों के साथ व्यापारिक तनाव बढ़ सकता है। विशेष रूप से चीन, भारत, मेक्सिको और वियतनाम जैसे देशों को इस नीति का सबसे अधिक प्रभाव झेलना पड़ सकता है, जबकि मुक्त व्यापार समझौतों वाले देशों को कुछ राहत मिल सकती है।
किन देशों पर सबसे ज्यादा असर
ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ की बात करें तो सबसे अधिक प्रभावित देशों में चीन पहले नंबर पर है। अमेरिका का सबसे बड़ा व्यापार घाटा चीन के साथ है, जो 2024 में $295 बिलियन था। चीन पर पहले से ही कई अमेरिकी टैरिफ लगे हैं, लेकिन फरवरी में अमेरिका ने अतिरिक्त 10% टैरिफ लगाए और मार्च में ट्रंप ने इसे बढ़ाकर 20% कर दिया। चीन ने जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी कच्चे तेल, कृषि मशीनरी और वाहनों पर टैरिफ बढ़ाए हैं।
मेक्सिको
अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा व्यापार घाटा मेक्सिको के साथ है, जो $172 बिलियन था। दोनों देशों के बीच यूएसएमसीए (United States-Mexico-Canada Agreement) के बावजूद, मेक्सिको को उच्च टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है।
वियतनाम
अमेरिका का तीसरा सबसे बड़ा व्यापार घाटा वियतनाम के साथ है, जो $123 बिलियन था। वियतनाम की अर्थव्यवस्था काफी हद तक अमेरिकी बाजार पर निर्भर है, इसलिए नए टैरिफ वहां के उद्योगों को प्रभावित कर सकते हैं।
ये देश भी प्रभावित
यूनाइटेड किंगडम ($271 बिलियन का व्यापार घाटा), भारत ($241 बिलियन), फ्रांस ($137 बिलियन), तुर्की ($106 बिलियन) भी इस नीति से प्रभावित होंगे। उभरती अर्थव्यवस्थाएं, खासकर अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के देश, जो अपने घरेलू उद्योगों को बचाने के लिए उच्च टैरिफ लगाते रहे हैं, उन पर इसका प्रभाव अधिक होगा।
भारत पर प्रभाव
भारत के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा 2024 में $241 बिलियन था, जिससे यह अमेरिका के लिए तीसरा सबसे बड़ा घाटे वाला व्यापार भागीदार बन गया। भारत की कई प्रमुख वस्तुओं पर अमेरिका टैरिफ बढ़ा सकता है, खासकर आईटी उत्पादों, टेक्सटाइल और फार्मास्युटिकल्स पर। हालांकि, अगर भारत भी जवाबी टैरिफ लगाता है, तो व्यापार युद्ध की संभावना बढ़ सकती है।
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