डोनाल्ड ट्रंप की धमकी से कनाडा में राष्ट्रीय संकट, 7 महीने पहले होंगे चुनाव
- डोनाल्ड ट्रंप की धमकी और ट्रेड वॉर से कनाडा में राष्ट्रीय संकट आ गया है। ऐसे में रविवार को कनाडा के कार्यवाहक पीएम कार्नी ने बड़ी घोषणा की कि देश में चुनाव सात महीने पहले 28 अप्रैल को होंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी का कनाडा में राष्ट्रीय संकट गहराता जा रहा है। रविवार को कनाडा के कार्यवाहक प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने बड़ा फैसला लेते हुए 28 अप्रैल को जल्द चुनाव कराने का ऐलान किया। पहले चुनाव अक्टूबर महीने में होने वाले थे। कनाडा के लिए यह चुनाव इसलिए भी अहम हो गया है क्योंकि कार्नी ने ट्रंप की धमकियों को अपने अभियान का मुख्य मुद्दा बना दिया है। ट्रंप कई बार कनाडा की संप्रभुता को खारिज करते हुए उसे अमेरिका में मिलाने की बात कह चुके हैं। ऐसे में कार्नी ने चुनावी जंग को एक देशभक्ति बनाम दबाव की लड़ाई बना दिया है और साफ कहा, "ट्रंप हमें तोड़ना चाहते हैं, लेकिन हम झुकेंगे नहीं।"
पूर्व बैंकर कार्नी को कनाडा की सेंट्रिस्ट लिबरल पार्टी ने जस्टिन ट्रूडो की जगह प्रधानमंत्री चुना था। हालांकि, उन्हें अब तक कनाडा की जनता का समर्थन हासिल करने का मौका नहीं मिला था। अब, अक्टूबर में होने वाले आम चुनावों को कई महीने पहले ही कराने का निर्णय लेते हुए, कार्नी ने ट्रंप के बयानों को अपने चुनावी अभियान का केंद्र बिंदु बना दिया है।
कार्नी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, "मैंने अभी-अभी गवर्नर जनरल से संसद को भंग करने और 28 अप्रैल को चुनाव कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने इसे मंजूरी दे दी है।" कनाडा ब्रिटिश कॉमनवेल्थ का सदस्य है और गवर्नर जनरल किंग चार्ल्स III के प्रतिनिधि होते हैं। कार्नी ने ट्रंप पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “वह हमें तोड़ना चाहते हैं, ताकि अमेरिका हम पर कब्जा कर सके। लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे।”
ट्रूडो की पार्टी लोकप्रियता में पिछड़ी
जस्टिन ट्रूडो की लिबरल सरकार पिछले एक दशक से सत्ता में थी, लेकिन हाल के वर्षों में लोकप्रियता में भारी गिरावट आई थी। अब कार्नी उम्मीद कर रहे हैं कि कनाडाई देशभक्ति की लहर उन्हें चुनाव में जीत दिला सकती है। डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार कनाडा की संप्रभुता और सीमाओं को 'कृत्रिम' बताया है और कहा है कि कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बन जाना चाहिए।
अमेरिका और कनाडा में ट्रेड वॉर
ट्रंप की इन चौंकाने वाली टिप्पणियों के साथ-साथ अमेरिका द्वारा कनाडा के खिलाफ छेड़ी गई व्यापारिक जंग ने भी तनाव बढ़ा दिया है। अमेरिका द्वारा कनाडा से आयात होने वाले कई उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाए गए हैं, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था को गहरा झटका लग सकता है। कार्नी ने पश्चिमी शहर एडमोंटन में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, "इस संकट के समय में सरकार को एक मजबूत और स्पष्ट जनादेश की जरूरत है।"
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