फास्ट चार्जिंग के चक्कर में मत खरीद लेना महंगा फोन, आप इन खतरों से अनजान तो नहीं?
फास्ट चार्जिंग स्मार्टफोन खरीदने के लिए बड़ी रकम खर्च करने से बेहतर है कि आप सही फास्ट चार्जिंग का चुनाव करें। इसके अलावा फास्ट चार्जिंग के कई नुकसान भी हैं, जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए।

स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का बड़ा हिस्सा हैं, और इनकी बैटरी लाइफ से जुड़े इनोवेशंस लगातार किए जा रहे हैं। खासकर पिछले कुछ साल में फास्ट चार्जिंग टेक्नोलॉजी ने अपनी जगह बनाई है और यूजर्स फटाफट चार्ज होने वाले फोन खरीद रहे हैं। ध्यान रहे कि फास्ट चार्जिंग की कुछ सीमाएं और नुकसान भी हैं। आइए समझें कि यह टेक्नोलॉजी कैसे काम करती है, इसके क्या फायदे और नुकसान हैं।
फास्ट चार्जिंग टेक्नोलॉजी हाई-वोल्टेज और करंट का यूज करके बैटरी को जल्दी चार्ज करने का काम करती है। ट्रेडिशनल चार्जर आमतौर पर 5W या 10W की पावर सप्लाई करते हैं, जबकि फास्ट चार्जर 18W, 33W, 65W या इससे भी ज्यादा पावर सप्लाई कर सकते हैं। फास्ट चार्जिंग के लिए कुछ खास तरह की टेक्नोलॉजी का यूज किया जाता है।
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1. Qualcomm Quick Charge (QC) – यह टेक्नोलॉजी वोल्टेज को बढ़ाकर फास्ट चार्जिंग प्रदान करती है।
2. USB Power Delivery (USB-PD) – यह एक सार्वभौमिक फास्ट चार्जिंग तकनीक है, जो विभिन्न डिवाइसों में इस्तेमाल की जाती है।
3. OPPO VOOC / OnePlus Warp Charge – यह लो-वोल्टेज, हाई-करेक्ट चार्जिंग पर आधारित होती है, जिससे हीटिंग कम होती है।
4. Xiaomi HyperCharge और Realme UltraDart – ये कंपनियां 120W या 240W तक की चार्जिंग स्पीड प्रदान करने लगी हैं।
फास्ट चार्जिंग के फायदे
1. समय की बचत – पारंपरिक चार्जिंग की तुलना में फास्ट चार्जिंग बैटरी को बहुत कम समय में चार्ज कर देती है।
2. आपातकालीन स्थिति में मददगार – अगर आपके पास कम समय है, तो कुछ ही मिनटों में आपका फोन पर्याप्त चार्ज हो सकता है।
3. बेहतर उपयोगिता – लंबे समय तक चार्जिंग के लिए इंतजार करने की जरूरत नहीं होती, जिससे फोन का उपयोग अधिक प्रभावी होता है।
फास्ट चार्जिंग के नुकसान
फास्ट चार्जिंग के चलते बैटरी पर ज्यादा प्रेशर पड़ता है, जिससे इसका लाइफस्पैन घट जाता है। इसके अलावा ज्यादा पावर सप्लाई से फोन गर्म हो सकता है, जिससे परफॉर्मेंस पर असर पड़ सकता है। सभी चार्जर और केबल फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट नहीं करते, इसलिए विशेष चार्जिंग एक्सेसरीज की जरूरत होती है। यदि फास्ट चार्जिंग के दौरान बैटरी को सही तरीके से प्रबंधित नहीं किया गया, तो उसमें ओवरचार्जिंग या अन्य समस्याएं हो सकती हैं।
कितनी फास्ट चार्जिंग सही है?
फास्ट चार्जिंग की सही मात्रा आपके यूजेस पर निर्भर करती है। नॉर्मल यूजेस के लिए 18W से 33W तक यूजेस काफी हो। इसके अलावा हाई-एंड स्मार्टफोन और पावर यूजर्स के लिए 45W - 65W रेंज बेहतरीन रहती है। इसके अलावा 100W+ सुपर फास्ट चार्जिंग, लेकिन बैटरी के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
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