RBI ने इस सरकारी बैंक को दी बड़ी राहत, करीब 5 साल बाद हटा दी ये रोक
आरबीआई ने पीसीए मानकों के उल्लंघन की वजह से सेंट्रल बैंक के अलावा इंडियन ओवरसीज बैंक और यूको बैंक को भी इसके तहत निगरानी सूची में रखा था। अन्य दोनों बैंकों को 2021 में ही निगरानी सूची से बाहर किया था।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सरकारी सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) प्रक्रिया की निगरानी सूची से बाहर कर दिया है। ये बंदिशें हटने के बाद बैंक बिना किसी प्रतिबंध के कर्ज बांट सकता है। बता दें कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को आरबीआई ने जून, 2017 में पीसीए के दायरे में रखने का फैसला किया था। ये प्रतिबंध करीब 5 साल बाद हटाया गया था।
वजह क्या थी: बैंक पर शुद्ध एनपीए के ऊंचे स्तर और एसेट्स पर मिलने वाले कम रिटर्न की वजह से बैंक को पीसीए निगरानी सूची में रखा गया था। आरबीआई ने पीसीए मानकों के उल्लंघन की वजह से सेंट्रल बैंक के अलावा इंडियन ओवरसीज बैंक और यूको बैंक को भी इसके तहत निगरानी सूची में रखा था। अन्य दोनों बैंकों को सितंबर, 2021 में ही निगरानी सूची से बाहर कर दिया गया था।
क्या कहा केंद्रीय बैंक ने: आरबीआई ने कहा कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के प्रदर्शन की समीक्षा किए जाने के बाद उसे पीसीए रूपरेखा के दायरे से बाहर रखने का फैसला किया गया है। वित्तीय निगरानी बोर्ड ने इस बैंक के प्रदर्शन की समीक्षा में यह पाया कि मार्च, 2022 में समाप्त वित्त वर्ष में उसने पीसीए मानकों का उल्लंघन नहीं किया था। आरबीआई ने कहा कि विभिन्न मानकों पर बैंक के प्रदर्शन में आए सुधार के अलावा न्यूनतम पूंजीगत मानकों का पालन के बारे में बैंक की तरफ से दिए गए लिखित आश्वासन के बाद उसे पीसीए दायरे से बाहर करने का फैसला किया गया है।
पीसीए प्रारूप को उस स्थिति में लागू किया जाता है जब एसेट पर मिलने वाले रिटर्न, न्यूनतम पूंजी बनाए रखने और एनपीए की मात्रा से संबंधित नियामकीय प्रावधानों का बैंक पालन नहीं करता है। पीसीए दायरे में रखे जाने के बाद वह बैंक खुलकर कर्ज देने से कई तरह से रोक दिया जाता है और उसे कई तरह की बंदिशों के भीतर काम करना पड़ता है।
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