मौसम में दिखने लगा बदलाव, प्रतिदिन बढ़ रही गर्मी
सहरसा में बढ़ती गर्मी से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में तापमान में कमी की...

सहरसा, हिन्दुस्तान संवाददाता। दिन प्रतिदिन बढ़ती गर्मी से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। हालांकि जल्द ही फिर मौसम में बदलाव की संभावना है। लेकिन विगत कई दिनों से चिलचिलाती धूप एवं गर्म हवा के कारण लोगों को घरों से निकलना भी मुश्किल रहा । सोमवार की दोपहर एक बार फिर भीषण गर्मी का प्रकोप दिखा। जिले का अधिकतम तापमान बढ़कर 36.7 डिग्री रहा। वहीं 21.3 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। जबकि रविवार को पारा 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
अगले कुछ दिनों में दिन के तापमान में कमी आने की संभावना हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले विनो से मौसम में बदलाव की संभावना है।
इधर गर्मी में न्यूनतम तापमान भी बढ़ने के कारण गर्मी से लोगों में बेचैनी भी बढ़ने लगी है। मौसम के मिजाज का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ने लगा है। गर्मी बढ़ने के साथ ही तेज हवा चलने से लू का भी प्रकोप बढ़ता जा रहा है। दिन के 11 बजे के बाद गर्मी का आलम यह कि लोग घरों से बाहर निकलने में परहेज करते दिखे। गर्मी से बचाव के लिए लोगो को गमछा या कपड़े से शरीर ढंक कर घर से बाहर निकलना पड रहा हैं।
कामकाजी लोगों को खासे परेशानी बढ़ने लगी है। दोपहर में स्कूल से घर लौटने वाले छात्रों को भी गर्मी की ताप को सहन करना पड़ रहा है।
पांच दिनों के लिए मौसम विभाग ने जारी किया संदेश:
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार आगामी पांच दिनों के लिए जारी मध्यम अवधि के पूर्वानुमान के अनुसार अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। न्यूनतम तापमान 21 और 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है सुबह के समय सापेक्षिक आर्द्रता 75 और 75 प्रतिशत के बीच और अपराहन सापेक्षिक सापे आर्द्रता 18से 18 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है और सतही हवा की गति 2.0 किमी प्रति घंटा से 10.0 किमी प्रति घंटा अधिकतर उत्तरी से उत्तरी पश्चिमी दिशा में चलने की उम्मीद है। इस दौरान मौसम ज्यादातर शुष्क रहेगा।
गेहूं फसल जल्द पकने की संभावना : गेहूं की फसल जल्द पकने की अवस्था में है। इसलिए किसानो को सलाह दी जाती है कि फसल कि कटाई से पहले अपने तरीके से नमी की जाँच कर ले। इसके लिए किसान गेहूं के दानो को दाँत से काटकर देखे अगर दाना काटने पर कट की आवाज आती है। तो गेहूं की मड़ाई का कार्य करे। इस तरह के अनाज भण्डारण के लिए उपयुक्त है। गेहूं की फसल की जब भी कटाई करे सुबह और शाम के समय हवा जब शांत रहे।
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