रेलवे का निजीकरण बंद हो, प्रदर्शन
सहरसा में रेलवे का निजीकरण, आउटसोर्सिंग और अन्य मांगों को लेकर रेलकर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया। ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन के बैनर तले जुटे कर्मचारियों ने मांग की कि रेलवे का निजीकरण बंद...

सहरसा, निज संवाददाता। रेलवे का निजीकरण, आउटसोर्सिंग सहित अन्य मांगों को लेकर शुक्रवार को रेलकर्मी सड़क पर उतरे। रेल इंजीनियरिंग ऑफिस परिसर व रेल परिसर में ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन के बैनर तले जुटे रेलकर्मियों ने मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन के सहरसा शाखा मंत्री संजीव कुमार ने कहा कि रेलवे का निजीकरण बंद किया जाय। आउटसोर्सिंग व्यवस्था को खत्म किया जाय। लाखों पद रिक्त है उसपर अविलंब बहाली किया जाय। पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाय। पचास प्रतिशत महंगाई भत्ता को बेसिक पेंशन में मर्ज किया जाय। एक जनवरी 2023 से सभी पदों को कैडर पुनर्गठन का लाभ मिलें। सिग्नल, टेलीकॉम सहित सभी विभागों के लिए आठ घंटे की ड्यूटी निर्धारित हो। रनिंग कर्मियों के रनिंग भत्ते में 25 प्रतिशत की वृद्धि हो, 4600-4800 का वेतनमान दें और लौंग आवर्स के बाद काम नहीं लिया जाय। ट्रैक मेंटेनर और प्वाइंट्स मैन को 4200 के ग्रेड पे पर पद्दोन्त किया किया जाय। सभी विभागों के टेक्नीशियन को समयबद्ध पद्दोन्नति और जोखिम वाला कार्य करने वाले कर्मियों को जोखिम भत्ता दिया जाय। रेल कॉलोनियों के आवासों की मरम्मति की जाय। रेलकर्मियों के माता पिता को भी मेडिकल बीमा व रेलवे के पास की सुविधा दी जाय। उन्होंने कहा कि इन मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा तो उग्र आंदोलन करेंगे। उपाध्यक्ष सुभाषचंद्र झा, उपाध्यक्ष जे. के. सिंह, कोषाध्यक्ष अभय कुमार, आर. के. रमण, सीटीटीआई रंजीत सिंह, पिंकी चौधरी, भास्कर कुमार, श्यामल सिंह, सरोवर कुमार, मुकुल कुमार, अपूर्व कुमार, धर्मवीर महाराज व अन्य ने कहा कि हमलोगो की मांगें जायज है इसे सरकार और विभाग पूरा करें।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।