मां दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरुप की हुई पूजा-अर्चना
सहरसा में चैत्र नवरात्र का उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। श्रद्धालुओं ने तीसरे दिन मां दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा की। इस दिन का विशेष मंत्र जप किया गया और भक्तों ने मां की कृपा प्राप्त की।...

सहरसा, नगर संवाददाता ।जिले में हर्षोल्लास के साथ चैत नवरात्र मनाया जा रहा है।चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन श्रध्दालुओं ने मां दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरुप की पूजा-अर्चना किया। मां के पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता, प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता मंत्र का जप किया। मां के चंद्रघंटा स्वरुप की मुद्रा युद्ध मुद्रा है।चंद्रघंटा शक्ति की पूजा और साधना से मणिपुर चक्र जाग्रत होता है। इनकी पूजा करने से वीरता के साथ ही सौम्यता और विनम्रता का भी विकास होता है। मां चंद्रघंटा का संबंध मंगल ग्रह से माना जाता है।देवी चंद्रघंटा के सिर पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र नजर आता है। यही वजह है कि माता के भक्त उन्हें चंद्रघंटा कहकर बुलाते हैं।देवी चंद्रघंटा का वाहन सिंह होता है।मां की दस भुजाएं, तीन आंखें, आठ हाथों में खड्ग, बाण आदि अस्त्र-शस्त्र हैं।इसके अलावा देवी मां अपने दो हाथों से अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं।नवरात्र के चौथें दिन बुधवार को मां दुर्गा के चतुर्थ रूप मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना की जाएगी।चैती नवरात्र को लेकर श्रध्दालुओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है।घरों में, मंदिरों में पूजा अर्चना की भीड़ जूटी रहती है।बड़ी दुर्गा मंदिर, कालेज गेट, थाना चौक, प्रशांत सिनेमा रोड, पंचवटी चौक, मारुफगंज कचहरी चौक सहित अन्य मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए भक्त पहुंच रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पर्व को लेकर काफी उत्साह बना हुआ है। दुर्गा सप्तशती के पाठ से माहौल भक्तिमय बना हुआ है। पर्व के कारण बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है।
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