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पुलों के बेहतर रखरखाव के लिए नीति जल्द

बिहार में पुलों के बेहतर रखरखाव के लिए हेल्थ कार्ड बनाए जाएंगे। पथ निर्माण विभाग ने ब्रिज मेंटेनेंस पॉलिसी तैयार की है, जो अंतिम चरण में है। इस नीति से पुलों की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी और इंजीनियरों...

Newswrap हिन्दुस्तान, पटनाWed, 2 April 2025 07:18 PM
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पुलों के बेहतर रखरखाव के लिए नीति जल्द

राज्य के पुलों के बेहतर रखरखाव के लिए हेल्थ कार्ड बनेगा। पथ निर्माण विभाग की ओर से ब्रिज मेंटेनेंस पॉलिसी तैयार की जा रही है। यह अंतिम चरण में है। जल्द ही इसकी मंजूरी का प्रस्ताव राज्य कैबिनेट को भेजा जाएगा। पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने बुधवार को ब्रिज मेंटेनेंस पॉलिसी की समीक्षा की। मंत्री ने कहा कि पुलों के रखरखाव की नीति अंतिम चरण में है। पॉलिसी से संबंधित शेष कार्यों को जल्द पूरा कर कैबिनेट में भेजा जाएगा। इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य ससमय पुलों का रखरखाव और मजबूतीकरण पर ध्यान देना है। हर महीने पुलों की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी। बिहार में लगभग 3500 से अधिक छोटे-बड़े पुल है। नीति आने पर इन पुलों का हेल्थ कार्ड बनेगा। इस कार्ड से पुलों पर होने वाले गड्ढे, जलजमाव, क्रैक आदि का ससमय पता लग सकेगा। इसके बाद संबंधित इंजीनियरों को इनकी मरम्मत की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इस पॉलिसी को मंजूरी मिलने के बाद इंजीनियरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस नीति को बनाने में आईआईटी दिल्ली, आईआईटी रूड़की, आईआईटी मद्रास और आईआईटी पटना से भी मदद ली जा रही है। वर्ष 2022 से प्रयास है कि इस पॉलिसी को लागू किया जाए। जिस तरह ओपीआरएमसी के तहत सड़क मेंटेन करने में बिहार अलग स्थान रखता है, उसी प्रकार आने वाले दिनों में इस पॉलिसी से पुलों की रियल टाइम मॉनिटरिंग और रखरखाव हो सकेगा। इस पॉलिसी के आने पर पुलों की जीवन अवधि में वृद्धि होगी। पुलों का स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट कराया जा रहा है। बैठक में विभाग के अपर मुख्य सचिव मिहिर कुमार सिंह, पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष शीर्षित कपिल आदि मौजूद रहे।

हर पुल की होगी रेटिंग

पहले चरण में 250 मीटर से अधिक लम्बाई के 85 पुलों का थर्ड पार्टी स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट आईआईटी पटना और आईआईटी दिल्ली से कराया जाएगा। इसके तहत पुलों का डाटा संग्रहित होगा। पुलों का भार परीक्षण भी होगा। प्रत्येक पुल की रेटिंग की जाएगी। ब्रिज हेल्थ इंडेक्स और मेंटेनेंस प्रायोरिटी इंडेक्स का मूल्यांकन होगा। इसके बाद ही पुलों का हेल्थ कार्ड बनेगा। स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट कार्य का क्रियान्वयन पुल निर्माण निगम करेगा। पुलों का रेट्रोफिटिंग व जीर्णोद्धार एजेंसी के माध्यम से कराया जाएगा। मंत्री ने कहा कि पुलों पर भारी वाहनों का ठहराव प्रतिबंधित है। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया गया है।

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