प्रतिबंध के बाद भी ऑटो पर ढोए जाते रहे बच्चे
मुजफ्फरपुर में 1 अप्रैल से बच्चों को स्कूल ले जाने के लिए ऑटो और ई-रिक्शा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पहले दिन ही कई बच्चे प्रतिबंध का उल्लंघन करते हुए इन वाहनों से स्कूल गए। अभिभावक इस फैसले से...

मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। एक अप्रैल से जिले में ऑटो व ई-रिक्शा से बच्चों को स्कूल ले जाने पर प्रतिबंध लागू हो गया। हालांकि, मंगलवार को पहले दिन इसका असर कम दिखा। मिठनपुरा और बेला इलाके के कई निजी स्कूल के बच्चे ई-रिक्शा और ऑटो से स्कूल गए। वहीं, जब पुलिस ने उनको रोका तो वे नोकझोंक करने लगे। अंतत: ऑटो पर बच्चों के होने की वजह से पुलिसकर्मियों ने कड़ी चेतावनी देकर छोड़ दिया।
दूसरी ओर, शहर के कई अभिभावकों ने अपने बच्चों को खुद स्कूल पहुंचाया। अभिभावकों ने प्रशासन के आदेश पर नाराजगी जतायी। उनका कहना था कि रोक से ऑटो चालक बेरोजगार हो जाएंगे और नौकरीपेशा अभिभावकों की परेशानी बढ़ जाएगी।
हादसों के बाद परिवहन विभाग ने लगाया है प्रतिबंध :
दरअसल, आए दिन स्कूली बच्चों को ले जाने वाले ऑटो और इ-रिक्शा से हादसे की शिकायत परिवहन विभाग को मिल रही थी। इस बीच पटना में एक बड़ा हादसा हो गया। इसके बाद परिवहन विभाग ने ऑटो व ई-रिक्शा से बच्चों को स्कूल ले जाने पर रोक लगा दिया है।
यूनियन आज निकालेगा विरोध मार्च :
ऑटो और ई-रिक्शा से बच्चों को स्कूल ले जाने पर रोक के विरोध में ऑटो व ई-रिक्शा कर्मचारी संघ बुधवार को विरोध मार्च निकालेगा। खुदीराम बोस स्मारक से निकला मार्च डीएम कार्यालय गेट तक जाएगा। संघ का प्रतिनिधिमंडल डीएम को ज्ञापन सौंपेगा।
ऑटो यूनियन के जिलाध्यक्ष एआर अन्नु व महासचिव मो. इलियास एर्फ इल्लू ने बताया कि परिवहन विभाग के इस आदेश से ऑटो और ई-रिक्शा चालक की रोजी-रोटी प्रभावित होगी। सीधे तौर पर दो हजार और अप्रत्यक्ष रूप से 10 हजार से अधिक लोग प्रभावित होंगे।
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