नया सत्र शुरू, 26 हजार से अधिक स्कूलों में बच्चों के बैठने के इंतजाम नहीं
बिहार में नए सत्र की शुरुआत हो गई है, लेकिन 26 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में बच्चों के बैठने की व्यवस्था नहीं है। 34 फीसदी स्कूलों में बेंच-डेस्क की कमी है। मुजफ्फरपुर में 3423 स्कूलों में से 753...

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। स्कूलों में नया सत्र शुरू हो गया, लेकिन 26 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में बच्चों के बैठने के इंतजाम नहीं हो पाया है। सूबे के 34 फीसदी स्कूलों में बेंच-डेस्क नहीं है। पूर्वी चंपारण, प. चंपारण जिले ऐसे हैं, जहां 45 फीसदी से अधिक स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए बेंच डेस्क नहीं है। मुजफ्फरपुर में 22 फीसदी स्कूलों में बेंच-डेस्क नहीं है। सूबे के 19 जिले ऐसे हैं, जहां 34 से 49 फीसदी तक स्कूलों में बच्चे इस नए सत्र में भी नीचे बैठेंगे।
बिहार शिक्षा परियोजना की रिपोर्ट में बेंच-डेस्क की यह स्थिति सामने आई है। जिले में पिछले दो साल में तत्कालीन अपर मुख्य सचिव के आदेश के बाद करोड़ों के बेंच-डेस्क खरीदे गए। कई स्कूलों में बेंच-डेस्क में अनियमितता को लेकर जांच भी कराई गई।
मुजफ्फरपुर में 3423 स्कूलों में 753 में बैठने की व्यवस्था नहीं
बेंच-डेस्क के मामले में जिले की स्थिति 32 जिलों से बेहतर है। मुजफ्फरपुर में 3423 में 753 स्कूलों में बैठने की व्यवस्था नहीं है। सबसे अच्छी स्थिति में मुंगेर है, जहां 1127 में 148 में बेंच-डेस्क नहीं है। वैशाली में 2382 में 344 और गया में 3480 में 891 स्कूलों में बेंच-डेस्क नहीं है।
ज्यादातर प्राइमरी स्कूलों में दिक्कत, दरी पर बैठते हैं बच्चे
जिले के अधिकांश प्राइमरी स्कूलों में ही बैठने की दिक्कत है। छोटे बच्चे दरी पर बैठते हैं। कक्षा एक से पांचवीं के लिए अभी भी शत प्रतिशत बेंच-डेस्क नहीं हो पाया है। लगभग एक लाख बच्चे अभी भी नीचे ही बैठते हैं।
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