जिले के सात स्वास्थ्य उपकेन्द्रों को मिल सकता है एएनक्यूएएस (राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक) का दर्जा
ोज तीन की लीड:जिले के सात स्वास्थ्य उपकेन्द्रों को मिल सकता है एएनक्यूएएस (राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक) का दर्जाजिले के सात स्वास्थ्य उपकेन्द्रों

खगड़िया । नगर संवाददाता ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों में भी बेहतर व अत्याधुनिक सुविधाओं का विस्तार हो। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में मरीजों को अच्छी स्वास्थ्य सेवा मिल सके। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एनक्यूएएस (राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक) सर्टिफिकेशन किया जा रहा है। अब तक जिले को सदर अस्पताल को एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन के तहत बेहतर गुणवत्ता देने के मामले में पहले स्थान पर चयन हो चुका है। इसी तर्ज पर एपीएचसी व स्वास्थ्य उपकेन्द्रों के सर्टिफिकेशन का भी काम किया जा रहा है। हालांकि जिले से राज्यस्तर पर स्वास्थ्य विभाग को सभी प्रखंडों के एक एक स्वास्थ्य उपकेन्द्रों पर मूल्यांकन कराने को लेकर सूची भेजी गई है। अगर स्वास्थ्य विभाग द्वारा मूल्यांकन कराने को लेकर स्वीकृति दी गई और मूल्यांकन के दौरान बेहतर अंक मिले तो इन अस्पतालों में गुणवत्ता में विस्तार होगा।
किन-किन अस्पतालों की भेजी गई है सूची : स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी प्रखंडों के एक एक स्वास्थ्य उपकेन्द्रों की सूची भेजी गई है। जिसमें चौथम प्रखंड के स्वास्थ्य उपकेन्द्र सरैया, अलौली प्रखंड के स्वास्थ्य उपकेन्द्र लदौड़ा, बेलदौर प्रखंड के स्वास्थ्य उपकेन्द्र पनसलवा, गोगरी प्रखंड के स्वास्थ्य उपकेन्द्र, सोंडीहा, खगड़िया प्रखंड के चंद्रपुरा, मानसी प्रखंड के स्वास्थ्य उपकेन्द्र, बख्तियारपुर व परबत्ता प्रखंड के स्वास्थ्य उपकेन्द्र पिपरालतीफ की सूची भेजी गई है। इधर जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीसी हेमलता जोशी ने बताया कि अगर स्वास्थ्य विभाग द्वारा सर्टिफिकेशन के लिए मुल्यांकन कराया जाएगा। और मुल्यांकन में सौ अंक मिले तो निश्चित रूप से इन अस्पतालों के इन्फ्रास्ट्रक्चर के अतिरिक्त स्वास्थ्य सेवा के लिए संसाधानों का विस्तार होगा।
अलग-अलग टीम करती है मूल्यांकन: एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन के लिए चयनित अस्पतालों का राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा चयनित जिलास्तरीय कमेटी एवं राज्यस्तरीय कमेटी के अतिरिक्त केन्द्रीय कमेटी द्वारा मूल्यांकन किया जाता है। इसके बाद केन्द्रीय कमेटी द्वारा मूल्यांकन में सौ अंक दी जाती है तो इन अस्पतालों का एएनक्यूएएस के लिए चयन होता है।
किन-किन बिन्दुओं पर होती है जांच: अस्पतालों के भवन, चाहरदिवारी, पेयजल, स्वच्छता, शुद्ध पानी की आपूर्ति, आवागमन की सुविधा समेत अन्य बिन्दुओं पर जांच करने के साथ साथ लोगों को दिए जा रहे स्वास्थ्य सेवा एवं मरीजों से सर्वे के आधार पर अंक निर्धारित किए जाते हैं। इसके बाद गुणवत्ता प्रमाण पत्र दिया जाता है।
स्वास्थ्य उपकेन्द्र होंगे अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर: केन्द्र सरकार द्वारा अब स्वास्थ्य उपकेन्द्रों के नाम में तब्दीली की जा रही है। बताया जा रहा है कि पहले इसके नाम में तब्दीली करते हुए हेल्थ एंड वेलनेस सेन्टर का दर्जा दिया गया। अब नए नामकरण के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिर का नाम दिया गया है।
बोले अधिकारी:::
जिले के सभी प्रखंडों से एक एक स्वास्थ्य उपकेन्द्रों की सूची विभाग को भेजी गई है। इसके चयन होने के बाद अ लग अलग टीम द्वारा मूल्यांकन कराया जाएगा। सौ अंक प्राप्त होने पर प्रमाण पत्र दिया जाता है।
हेमलता जोशी, डीपीसी, जिला स्वास्थ्य समिति।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।