रेलवे-- सीमांचल और नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस सहित 7 ट्रेनों का रूट बदला
सीमांचल और नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस सहित 7 ट्रेनों का रूट बदला सीमांचल और नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस सहित 7 ट्रेनों का रूट बदला सीमांचल और नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस
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कटिहार, एक संवाददाता रेलवे ने प्रयागराज जाने वाली 7 ट्रेनों का रूट डाइवर्ट कर दिया है। सीनियर डीसीएम धीरज चंद्र कलिता ने बताया कि ट्रेन नंबर 15657 दिल्ली कामाख्या एक्सप्रेस ट्रेन 27 और28फरवरी को गाजियाबाद, लखनऊ और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के रास्ते चलेगी। उन्होंने बताया कि ट्रेन नंबर 15483 अलीपुरद्वार-दिल्ली सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस 27 फरवरी को पंडित दीन दयाल उपाध्याय, लखनऊ और गाजियाबाद के रास्ते, 15484 दिल्ली से अलीपुरद्वार जाने वाली महानंदा एक्सप्रेस 28 फरवरी को गाजियाबाद, लखनऊ और पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन के रास्ते, 12488 आनंद विहार से जोगबनी जाने वाली सीमांचल एक्सप्रेस 28फरवरी को गाजियाबाद, लखनऊ और पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन के रास्ते, 12487 जोगबनी से आंनद विहार जाने वाली सीमांचल एक्सप्रेस 27 फरवरी को पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, लखनऊ और गाजियाबाद के रास्ते, ट्रेन नंबर 12505 कामाख्या से आंनद विहार जाने वाली नॉर्थ ईस्ट सुपर फास्ट एक्सप्रेस 27 फरवरी को पंडित दीन दयाल उपाध्याय, लखनऊ, गाजियाबाद के रास्ते और ट्रेन नंबर 12506 नॉर्थ ईस्ट सुपर फास्ट एक्सप्रेस का परिचालन 28 और 1 मार्च को गाजियाबाद, लखनऊ और पंडित दीन दयाल उपाध्याय के रास्ते चलेगी।
बढ़ती जा रही है प्रयागराज जाने वाली यात्रियों की भीड़
ट्रेन के आते ही स्टेशन पर मच रही या अफरा-तफरी
कंफर्म टिकट वाले नहीं कर पा रहे हैं यात्रा
सबसे अधिक नॉर्थईस्ट और सीमांचल एक्सप्रेस ट्रेन में हो रही है परेशानी
कटिहार, एक संवाददाता
प्रयागराज जाने वाले यात्रियों की भीड़ बढ़ती जा रही है। जिस संख्या में सीमांचल के विभिन्न जिलों और पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों से आये प्रयागराज जाने वाले श्रद्धलाओं की संख्या सोमवार की रात और मंगलवार की दिन में ट्रेनों में चढ़ने के लिए परेशान रहे। इसका मुख्य कारण है कि ट्रेनों के विभिन्न कोचों में जगह ही कम पड़ रहा है। हालांकि ट्रेनों में यात्रियों को सुरक्षित वातावरण में चढ़ाने के लिए डीआरएम सुरेंद्र कुमार, एडीआरएम मनोज कुमार, डीसीएम एस मीणा, जीआरपी डीएसपी एके अकेला, जीआरपी थानाध्यक्ष अलाउद्दीन, आरपीएफ इंस्पेक्टर राकेश कुमार सहित कई सुरक्षा बल हर दिन रात और दिन सक्रिय रहते हैं। मगर पहले से ही ट्रेन में जगह नहीं रहने के कारण ट्रेन के इंतजार करने वाले अधिकांश यात्रियों को जगह नहीं मिल पा रहा है। जगह कम रहने के कारण चढ़ने में यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ट्रेन के आते ही यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त रहता है। सबसे अधिक परेशनी कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को हो रही है। कंफर्म टिकट रहने वाले यात्री और जनरल टिकट वाले यात्री जब ट्रेन में नहीं चढ़ पाते हैं तो आक्रोश जताने लगते हैं। हालंाकि कुछ कंफर्म बर्थ वाले यात्रिायों को मौजूद सुरक्षाकर्मियों को इमरजेंसी खिड़की के रास्ते कोच के अंदर प्रवेश कराने का प्रयास कर रहे हैं। मंगलवार को पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस और महानंदा एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रियों के बीच अफरा तफरी का माहौल रहा है। ट्रेन में नहीं चढ़ने वाले यात्रियों के बीच असमंजस में पड़े रहे कि आखिर किस प्रकार से महाकुंभ की यात्रा करें। पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति ट्रेन में कई जनरल कोच में यात्री चढ़ सके। मगर कई यात्री नहीं चढ़ सके। इसके बाद उद्घोषणा की गई है। अब प्रयागराज से होकर रात में कोई भी ट्रेन में नहीं है। सीमांचल और नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस ट्रेन प्रयाग राज से होकर नहीं जायेगी। इससे यात्रियों के बीच मायूशी छा गई।
फोटो कैप्शन। कटिहार- 15 ट्रेन का इंतजार करते यात्री
फोटो कैप्शन। कटिहार- 16 ट्रेन आने के बाद चढ़ने के लिए परेशान रेल यात्री
कटिहार में 20 थिक वेब स्विच प्वाइंट मशीनें लगाया गया
बेहतर संरक्षा के लिए बुनियादी संरचनाओं की निगरानी बढ़ाई
कटिहार, एक संवाददाता
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे कुशल और अधिक सुरक्षित रेल यात्रा सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध है। उन्नत प्रौद्योगिकी को निरंतर अपनाते हुए अपने बुनियादी संरचनाओं को उन्नत करने और बरकरार रखने का प्रयास करता है। दक्षता और संरक्षा को और अधिक बढ़ाने के लिए ज़ोन के अधीन कई सेक्शनों में सिग्नलिंग सिस्टम और अन्य संरक्षा उपकरणों में कई उन्नयन और प्रतिस्थापन किए गए है। मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि जनवरी में पूसी रेलवे ने अलीपुरद्वार और रंगिया मंडलों के दो स्थानों पर क्लैंप-टाइप लॉकिंग के साथ थिक वेब स्विच प्वाइंट मशीनें लगाई। कटिहार में 20 प्वाइंट मशीन और अलीपुरद्वार मंडल में 11 प्वाइंट मशीनों को प्रतिस्थापित किया, जिसके परिणामस्वरूप पटरी से उतरने की संभावना को कम करने और सुरक्षित यात्री एवं माल परिवहन सुनिश्चित करने के लिए बुनियादी संरचना में सुधार हुआ है।
पांच समपार फाटकों पर इलेक्ट्रिक लिफ्टिंग बैरियर लगाया गया
सीपीआरओ ने बताया कि समपार फाटकों पर संरक्षा बढ़ाने के लिए कटिहार, लामडिंग, रंगिया और तिनसुकिया मंडलों के पांच समपार फाटकों पर इलेक्ट्रिक लिफ्टिंग बैरियर प्रतिस्थापन किए गए हैं। रंगिया, लामडिंग और अलीपुरद्वार मंडलों में कई स्टेशनों पर 17.712 किमी नई सिग्नलिंग केबल लगाए गए है। उन्होंने बताया कि रेल संपत्ति की सुरक्षा के लिए संरक्षा उपायों के तहत, सात स्टेशनों पर ऑटोमेटिक फायर डिटेक्शन एंड अलार्म सिस्टम चालू किए गए है। पूसी रेलवे के अलीपुरद्वार, रंगिया और लामडिंग मंडलों के विभिन्न स्थानों के 19 समपार फाटकों पर सिस्टम इंटीग्रिटी टेस्टिंग की गई है।
388 सिग्नलिंग बैटरियों को किया गया प्रतिस्थापित
उन्होंने बताया एनएफआर जोन के चार मंडलों में विभिन्न क्षमताओं के कुल 388 सिग्नलिंग बैटरियों को प्रतिस्थापित किया गया, जिससे संरक्षा उपकरणों की विश्वसनीयता बढ़ी है। उन्नत संचार प्रणालियां चालक और संचालक दोनों को वास्तविक समय के दृश्य की सूचना प्रदान करती हैं, जिससे परिचालन दक्षता में सुधार होने से समय पर निर्णय लेना सुनिश्चित होता है और रेलवे की समग्र संरक्षा को बढ़ावा मिलता है । उन्होंने बताया कि रेलवे प्रणाली की बुनियादी संरचना के अपग्रेडेशन सुरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। स्थापित बुनियादी संरचना की विश्वसनीयता और अनुरक्षण सीधे तौर पर रेलवे परिचालन की दक्षता तथा क्षमता को प्रभावित करती है।
फोटो कैप्शन।कटिहार- 17 पटरी की निगरानी के लिए लाया गया थिक वेब स्विच प्वाइंट
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