जांच में खुली आंगनबाड़ी केंद्रों में गड़बड़ी की पोल, बच्चों को नहीं मिल रहा पोषाहार
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जांच में खुली आंगनबाड़ी केंद्रों में गड़बड़ी की पोल, बच्चों को नहीं मिल रहा पोषाहार नूरसराय प्रखंड प्रमुख के निरीक्षण में उजागर हुई अनियमितता गजराज बिगहा, ककैला समेत कई आंगनबाड़ी केंद्र बंद, तो कई केंद्रों से सेविका गायब प्रमुख ने कहा-पोषाहार की जगह बच्चों को मिल रहा भूंजा फोटो: 18 नूरसराय 04 : नूरसराय प्रखंड क्षेत्र में मंगलवार को आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण करतीं प्रखंड प्रमुख रेखा देवी। नूरसराय, निज प्रतिनिधि। प्रखंड प्रमुख रेखा देवी ने मंगलवार को करीब आधा दर्जन आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। वहां की बदहाली देखकर वे हैरान रह गईं। कहीं सेविका नदारद थी, तो कहीं पोषाहार के नाम पर खानापूर्ति की जा रही थी। नौनिहालों को पोषाहार देने की योजना सिर्फ कागजों तक सीमित दिखी। दरियापुर केंद्र संख्या 141 पर पौने बारह बज तक बच्चों की हाजिरी तक नहीं बनी थी। पोषाहार के नाम पर सिर्फ भूंजा दिया गया था। महादेव बिगहा केंद्र संख्या 95 में 16 बच्चे तो मौजूद थे, लेकिन सेविका और सहायिका गायब थीं। बच्चों ने बताया कि उन्हें नाश्ता और खाना कभी-कभार ही नसीब होता है। सकरौढ़ा केंद्र संख्या 106 में 22 बच्चे तो दिखे, लेकिन सेविका का कोई अता-पता नहीं था। वहां आधा किलो चावल से बना भात और आलू की सब्जी रखी थी, जो बच्चों के पोषण के लिए नाकाफी था। मछलडीहा केंद्र संख्या 166 में तो हालत और भी खराब थी। पौने एक बजे तक सिर्फ 5 नौनिहाल मौजूद थे और उन्हें कोई पोषाहार नहीं दिया गया था। वहीं, मछलडीहा केंद्र संख्या 109 पर सेविका विनीता कुमारी बिना सूचना के गायब थी। यहाँ आठ बच्चे और सहायिका उषा देवी मौजूद थी, लेकिन रजिस्टर मांगने पर उसने बताया कि सेविका उसे घर पर रखती है। यहां भी बच्चों के लिए पोषाहार का कोई इंतजाम नहीं था। प्रमुख रेखा देवी ने बताया कि सोमवार को भी प्रखंड के कई आंगनबाड़ी केंद्रों का हाल बेहाल था। दरुआरा केंद्र संख्या 74 में दोपहर 12 बजे तक बच्चों की हाजिरी नहीं बनी थी। गजराज बिगहा केंद्र संख्या 110 और ककैला केंद्र संख्या 62 पूरी तरह बंद मिले। पपरनौसा केंद्र संख्या 111 में 30 में से सिर्फ 10 बच्चे उपस्थित थे और यहां भी पोषाहार बंद था। पपरनौसा केंद्र संख्या 112 में 19 बच्चे तो मौजूद थे, लेकिन यहां भी पोषाहार नहीं दिया जा रहा था। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि सीडीपीओ और सुपरवाइजरों की लापरवाही के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों में भारी अव्यवस्था फैली हुई है। सात फरवरी को पंचायत समिति की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने आंगनबाड़ी केंद्रों में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया था। लेकिन, इसके बावजूद अधिकारियों पर कोई असर नहीं पड़ा। नौनिहालों के पोषाहार में गड़बड़ी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जिला के वरीय पदाधिकारियों को पत्र लिखकर सीडीपीओ और सुपरवाइजरों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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