बोले सहरसा : खेलों के विकास के लिए बने सुविधायुक्त स्टेडियम
जिले के खिलाड़ियों की समस्या --- प्रस्तुति: कुमार राजेश गुप्ता ---- सिमरी बख्तियारपुर के खिलाड़ी
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जिले के खिलाड़ियों की समस्या ---
प्रस्तुति: कुमार राजेश गुप्ता
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सिमरी बख्तियारपुर के खिलाड़ी राष्ट्रीय ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर चुके हैं लेकिन यहां एक भी स्टेडियम नहीं है। प्रतिभावान खिलाड़ी या तो जिला मुख्यालय या फिर कहीं और प्रैक्टिस करने को मजबूर हैं। खिलाड़ी सिमरी बख्तियारपुर हाईस्कूल के मैदान में किसी तरह प्रैक्टिस करते हैं। खिलाड़ियों ने हिन्दुस्तान से संवाद के दौरान अपना दर्द बयां किया। साथ ही स्टेडियम निर्माण की मांग की ताकि वे अभ्यास कर सकेें ।
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सिमरी बख्तियारपुर में वर्षों से खेल प्रतियोगिता होती रही है। फुटबॉल में यहां सुप्रसिद्ध खिलाड़ी मोहन बागान क्लब से खेल चुके हैं। फुटबॉल में ही बरसों पूर्व सिमरी बख्तियारपुर गंज निवासी मरहूम नूर हसन ने नेपाल के राजा की टीम से प्रतियोगिता कर अपनी जीत हासिल की थी। नेपाल, बंगाल, भूटान, श्रीलंका, महाराष्ट्र, गोवा, यूपी में भी यहां के खिलाड़ी प्रदर्शन कर चुके हैं।
सिमरी बख्तियारपुर में ही बिहार फुटबॉल संघ के एग्जिक्यूटिव मेंबर अशफाक आलम है। किक्रेट प्रतियोगिता का आयोजन आजकल अधिक हो रहा है। इस मैदान में राज्यस्तरीय किक्रेट बिहार टीम के खिलाड़ी भी प्रदर्शन कर चुके हैं। सरकार ने हर एक पंचायत स्तर पर खेल मैदान बनाने की कवायद शुरू कर दी है लेकिन सिमरी बख्तियारपुर का एकमात्र खेल मैदान स्टेडियम सिर्फ नाम का रह गया है। एक तरफ थोड़ी गैलरी बनी थी, जो जर्जर है। इस मैदान पर बना मंच भी जर्जर हालत में है। स्टेडियम के बिना यहां के खिलाड़ी प्रैक्टिस नहीं कर पा रहे। मैदान के बगल में गड्ढा रहने के कारण पानी दुर्गंध देता है, मैदान में कचरा जमा रहता है। स्टेडियम के नाम पर एक तरफ गैलरी एवं एक भवन बनाया गया जो टूटने के कगार पर है। खेल मैदान एवं संसाधनों की कमी से यहां की प्रतिभा कुंठित हो रही है। बहुत ऐसे खिलाड़ी हैं जिनके अंदर उम्दा प्रदर्शन करने का दमखम है लेकिन अर्थाभाव एवं संसाधनों की कमी से उनका प्रदर्शन गांव तक ही सिमट कर रह जाता है। खिलाड़ियों का कहना है कि उनके विकास की सबसे बड़ी बाधा स्टेडियम का नहीं होना है। खेल मैदान नहीं रहने के कारण वे अभ्यास नहीं कर पाते हैं। अभ्यास की कमी के कारण उन्हें प्रतियोगिताओं में मात खानी पड़ती है। खिलाड़ियों का कहना है कि अब प्रैक्टिस के लिए रोज शहर जाएं, यह संभव नहीं। खिलाड़ियों ने जल्द से जल्द स्टेडियम निर्माण की मांग की ताकि वे अभ्यास कर सकें।
उच्च विद्यालय के मैदान में लगा रहता पानी
अनुमंडल मुख्यालय में खेल मैदान के नाम पर उच्च विद्यालय का इकलौता मैदान है। विडंबना यह कि सतह नीची रहने के कारण बाढ़ एवं बरसात के दिनों में जगह-जगह पानी का जमाव रहता है। जिससे प्रैक्टिस संभव नहीं। वहीं खेल मैदान में पवेलियन नहीं बना है। घेराबंदी नहीं है। चहारदीवारी नहीं रहने के कारण कारण यह जगह पशु एवं जानवरों का चरागाह बनकर रह गया है।
उच्च विद्यालय का मैदान बने स्टेडियम
अनुमंडल मुख्यालय के उच्च विद्यालय का मैदान स्टेडियम बने यह मांग स्थानीय खिलाड़ी उठा रहे हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि यहां स्टेडियम बनने से हमलोग प्रैक्टिस कर पाएंगे। क्रिकेट खिलाड़ी उच्च विद्यालय मैदान को स्टेडियम बनाने की मांग वर्षों से कर रहे है। जिससे युवा और बच्चे मैदान में प्रैक्टिस करते अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन जिला, राज्य और राष्ट्र स्तर पर रौशन कर सके।
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स्टेडियम के अभाव के कारण खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अशफाक आलम
सिमरी बख्तियारपुर में क्रिकेट प्रतिभा काफी है। लेकिन उन्हें संसाधन उपलब्ध नहीं है।
मो. सुहैल
उच्च विद्यालय खेल मैदान में चारों तरफ चारदीवारी बने ताकि बीच मैदान आवाजाही ना हो।
महफूज आलम
सिमरी बख्तियारपुर 10 2 उच्च विद्यालय में ही स्टेडियम का निर्माण हो।
गोलू रब्बानी
सिमरी बख्तियारपुर उच्च विद्यालय मैदान का ऊंचीकरण किया जाए ताकि जलजमाव न हो।
इकबाल
खेल मैदान में अवस्थित मंच भी जर्जर हाल में है। जिसपर विजेता को सम्मान दिया जाता है।
अकबर आलम
उच्च विद्यालय मैदान के स्टेडियम में सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
आदित्य कुमार
सिमरी बख्तियारपुर उच्च विद्यालय मैदान में रात मेेंे चारों तरफ प्रकाश की व्यवस्था हो।
संजय कुमार
हम लोग बाहर से जीत कर लौटने पर अपने घर के खेल मैदान एवं स्टेडियम को देख मायूस हो जाते हैं।
राजा
सिमरी बख्तियारपुर खेल मैदान व पवेलियन का निर्माण हो। खिलाड़ियों को सुविधा होगी।
सोनू गुप्ता
सिमरी बख्तियारपुर उच्च विद्यालय मैदान में ही आकर्षक खेल मैदान एवं स्टेडियम बने।
राज सिक्सर
स्टेडियम ऐसा हो, जिसमें राज्यस्तरीय खेल प्रतियोगिता हो। खिलाड़ियों को सुविधा मिले।
अशोक कुमार
इस मैदान में सुबह बुजुर्ग महिला-पुरुष घूमने आते हैं। उनके लिए मॉर्निंग रनिंग ट्रैक बने।
गुड्डू वेस्टर्न
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बोले जिम्मेदार
सरकार को राशि की कोई कमी नहीं है। फंड लाने के लिए हमारे पास विधि व्यवस्था भी पर्याप्त है। खेलो इंडिया के तहत खेल मंत्रालय के माध्यम से पूरा प्रयास कर सिमरी बख्तियारपुर उच्च विद्यालय मैदान में स्टेडियम के निर्माण की स्वीकृति कराई जाएगी। ताकि प्रतिभा संपन्न खिलाड़ी इस खेल मैदान के माध्यम से नामं रोशन कर सकें।
-राजेश वर्मा, सांसद, खगड़िया
नगर परिषद सिमरी बख्तियारपुर के उच्च विद्यालय के मैदान में खेल मैदान है। इसके लिए नगर परिषद एवं क्षेत्र के प्रतिनिधि को ध्यान देने की आवश्यकता है। यह खेल मैदान उच्च विद्यालय का है। उनसे भी अप्रूवल लेना पड़ेगा। सिमरी बख्तियारपुर में स्टेडियम निर्माण के लिए हमसे जो संभव हो पाएगा, किया जाएगा।
-अनीषा सिंह, एसडीओ, सिमरी बख्तियारपुर
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बोले सहरसा फॉलोअप
सड़क खराब रहने से आवागमन में परेशानी
कहरा, एक संवाददाता। बनगांव - पड़री के बीच पीडब्लूडी की सड़क चमेली टोला के समीप जर्जर होने लगी है। इस कारण इस रास्ते वाहन के परिचालन मे परेशानी हो रही है। पीडब्लूडी द्वारा तीन वर्ष पूर्व निर्मित इस सड़क पर पड़री चमेली टोला के समीप सड़क पर कई गड्ढे हो गये हैं। वहीं दूसरी ओर इस मार्ग मे पड़री चमेली टोला एवं बनगांव सरारी टोला के समीप सड़क के किनारे बसे लोगों द्वारा फ्लैंक को अतिक्रमित कर लिया गया है। कई लोग सड़क से सटे किनारे मवेशी बांध रहे हैं। अधिकतर लोगों ने बांस की टट्टी से घेराबन्दी कर ली है। इस कारण भी वाहन चालक को परेशानी हो रही है। बता दें कि बनगांव की ओर से पड़री, चैनपुर, बलबाहाट, सिमरी बख्तियारपुर की ओर जाने बाले वाहन चालकों के लिए यह बहुत ही महत्वपूर्ण मार्ग है। पूर्व मे बनगांव की ओर से सिमरी बख्तियारपुर की ओर जाने वाले वाहन चालकों को बरियाही के रास्ते जाना पड़ता था। क्षेत्रीय ग्रामीणों ने जर्जर सड़क की मरम्मत करने तथा सड़क किनारे से अतिक्रमण हटवाने की मांग की है।
वहीं बरियाही दिवारी सड़क में जगह - जगह अतिक्रमण के कारण बड़े वाहन चालकों को परिचालन करने मे परेशानी होती है। बरियाही से दिवारी की ओर जानेवाले इस पथ मे कलाली चौक के समीप अस्थायी दुकानदारों द्वारा सड़क से सटाकर दुकानदारी की जाती है। रही-सही कसर ऑटो और ट्रैक्टर चालक द्वारा सड़क पर ही वाहन खड़ा कर पूरा कर दिया जाता है। पूर्व में बरियाही की ओर से दिवारी के रास्ते सोनवर्षा कचहरी की ओर जानेवाले चालकों को सहरसा चांदनी चौक के रास्ते वाहन ले जाना पड़ता था। इस कारण अत्यधिक समय एवं राशि भी व्यय होता था। इस रास्ते बरियाही से दीवारी की दुरी मात्र छह कि. मी. के लगभग रहने के कारण वाहन चालकों के लिए यह बहुत ही महत्वपूर्ण मार्ग है। लोगों ने सड़क ठीक करने की मांग की है।
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