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बोले भागलपुर: रिंग बांध बने तो बाढ़ से मिल सकती है निजात

भागलपुर के नगर निगम वार्ड एक के लालूचक मोहल्ले में बाढ़ और जल संकट की समस्या गंभीर है। यहां के लोग हर साल बाढ़ से प्रभावित होते हैं, जिससे उन्हें राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ती है। मोहल्ले में नाला...

Newswrap हिन्दुस्तान, भागलपुरFri, 28 Feb 2025 08:51 PM
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बोले भागलपुर: रिंग बांध बने तो बाढ़ से मिल सकती है निजात

नगर निगम के वार्ड नम्बर एक में लालूचक मोहल्ला है। भागलपुर शहर स्मार्ट सिटी में शामिल है। कहने को तो यह मोहल्ला नगर निगम क्षेत्र के अन्तर्गत आता है। लेकिन इस मोहल्ले में सुविधाएं गांव वाली भी नहीं मिल रही हैं। हर साल यहां के लोग बाढ़ से प्रभावित होते हैं। रिंग बांध बने तो बाढ़ से राहत मिल सकती है। इस दौरान उन्हें राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ती है। नाला की कमी के चलते जलजमाव की समस्या से लोग परेशान हैं। स्कूल में शिक्षक नहीं रहने के चलते छात्रों की संख्या लगातार घटती जा रही है। कक्षा एक से पांचवीं तक पढ़ाने के लिए मात्र एक शिक्षिका है। यहां के किसानों को सिंचाई के संसाधन नहीं मिल रहे हैं।

भागलपुर नगर निगम के वार्ड एक का मोहल्ला लालूचक। कहने को तो यह मोहल्ला नगर निगम क्षेत्र का है। लेकिन सुविधाएं यहां गांव वाली भी नहीं मिल रही हैं। हर क्षेत्र में यह इलाका पिछड़ रहा है। मोहल्ले में न सड़क अच्छी है और न ही पीने के पानी की व्यवस्था। हर साल बाढ़ के दौरान दो महीना विस्थापित होना मोहल्ले वालों की नियति बन गयी है। चंपा नदी किनारे अगर रिंग बांध बन जाए तो इस क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

चम्पानगर स्थित लालूचक मोहल्ले में करीब तीन सौ परिवार रहते हैं। करीब 90 प्रतिशत लोग खेती से जुड़े हुए हैं। व्यवस्था देखने से नहीं लगता है कि यह नगर निगम के वार्ड एक का मोहल्ला है। एनटीएन घोष रोड नरगा से लालूचक बैरिया पुल जाने वाली मुख्य सड़क पर नाला की व्यवस्था नहीं होने से जलजमाव वहां के लोगों के लिए बड़ी समस्या है। हल्की बारिश होने पर भी लोगों को पानी होकर गुजरना पड़ता है। मोहल्ले में पानी की निकासी की बेहतर व्यवस्था नहीं है। मोहल्ले के सटे उत्तर से चंपा नदी गुजरती है। यह मोहल्ला हर साल बाढ़ से प्रभावित होता है। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि बाढ़ के समय दो महीने तक लोगों को राहत शिविरों में रहना पड़ता है। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद बाढ़ से बचाव का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। मोहल्ले में आने-जाने के लिए एक सकरी सड़क है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस सड़क को 2005 में तत्कालीन एमएलसी सुबोध राय के मद से बनाया गया था। मरम्मत के अभाव में सड़क टूटने लगी है। स्कूल की हालत बदहाल है। बेहतर व्यवस्था नहीं रहने से छात्रों की संख्या लगातार घटती जा रही है। सांसद फंड की राशि भी विकास कार्यों के लिए नहीं मिलती है। सिंचाई की व्यवस्था नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।

सामाजिक कार्यकर्ता सह लालूचक निवासी सुनील कुमार मंडल ने बताया कि लालूचक के लोगों को बचाने के लिए चंपा नदी से बरारी तक रिंग बांध बनाया जाए। हर साल बाढ़ की तबाही से लोग बर्बाद हो रहे हैं। घरों में पानी घुस जाता है। दो महीना घर से बाहर रहना पड़ता है। कुछ लोग छतों पर रहकर घर की रखवाली करते हैं। बाढ़ के दौरान मोहल्ले की बिजली काट दी जाती है। इसके चलते बाढ़ के दौरान सांप, बिच्छू के काटने का खतरा बना रहता है। घरों में पानी घुसने के बावजूद जीआर सहित सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ लोगों को नहीं मिलता है। मोहल्ले में जलजमाव की बड़ी समस्या है। मुख्य सड़क के बगल में नाला नहीं बना है। बाढ़ के बाद मोहल्ले का पानी नहीं निकल पाता है। सड़क पर पानी जमा रहने से परेशानी होती है। इससे बीमारी का भी खतरा बना रहता है। मोहल्ले के अंदर नाला का ढक्कन नहीं लगा है। इसके चलते आए दिन बच्चे उसमें गिरकर घायल हो रहे हैं। मोहल्ले की सफाई करने के लिए निगमकर्मी नहीं आते हैं। शुद्ध पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है। चापाकल से सहारे लोगों को अपनी प्यास बुझानी पड़ती है। चापाकल के पानी की जांच की व्यवस्था नहीं है। चंपा नदी के बगल में रहने के चलते पानी प्रदूषित होने का खतरा बना रहता है। नगर निगम से बोरिंग के पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। कई बार नगर निगम को आवेदन देकर शुद्ध पेयजल आपूर्ति की गुहार लगायी जा चुकी है। मोहल्ले के तीन सौ परिवारों को राहत दिलाने के लिए सरकार बाढ़ से बचाव की व्यवस्था करे।

वार्ड एक के पूर्व पार्षद देवाशीष बनर्जी ने बताया कि वार्ड एक में लालूचक, बुद्धुचक, बर्निंग घाट रोड, हरिजन टोला, देवी मंडप लेन, बड़की दीदी लेन, मकदुम साह दरगाह लेन आदि मोहल्ला हर साल बाढ़ से प्रभावित होता है। मोहल्ले में चार से पांच फीट तक पानी जमा हो जाता है। यहां के लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ती है। बाढ़ के चलते फसलें बर्बाद हो जाती हैं। चापाकल के पानी में आर्सेनिक होने की शिकायत रहती है। पानी की नियमित जांच की व्यवस्था होनी चाहिए। बुढ़िया काली के बोरिंग का जलस्तर नीचे चला जाता है। जरूरत के अनुसार लोगों को पानी नहीं मिल पाता है। सरकार ने गोरियानी में चेक डैम बनाने का निर्णय लिया है। वहां चेकडैम बनाने से चंपा नदी को लाभ नहीं मिलेगा। इसके लिए लालूचक में चेक डैम बनाने की जरूरत है। छात्र युवा किसान क्लब के अध्यक्ष कार्तिक मंडल ने बताया कि नाला पर ढक्कन नहीं रहने से काफी परेशानी हो रही है। मोहल्ले में 90 प्रतिशत लोग किसानी से जुड़े हुए हैं। लेकिन किसानों को सरकार की कृषि योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है।

सामाजिक कार्यकर्ता भवेश कुमार यादव ने बताया कि यहां की जमीन का निबंधन शुल्क ज्यादा होने के चलते खरीद-बिक्री नहीं हो पाती है। बेटी की शादी में भी लोग जमीन नहीं बेच पाते हैं। जितनी जमीन की बाजार में कीमत है उतनी राशि निबंधन शुल्क में भी देनी पड़ती है। पूर्व में नाला पर ढक्कन नहीं रहने के चलते दो बच्चे उसमें गिर गये। जिससे उनकी मौत हो गयी।

स्कूल में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था हो

भागलपुर। सामाजिक कार्यकर्ता भवेश कुमार यादव ने बताया कि यह क्षेत्र नगर निगम के वार्ड एक के अंतर्गत आता है। लेकिन यहां मिलने वाली सुविधाएं ना के बराबर हैं। खास बात यह कि नगर निगम क्षेत्र की शुरुआत इसी वार्ड से होती है। सबसे गंभीर समस्या यहां के प्राथमिक विद्यालय लालूचक में देखने को मिल जा रही है, जहां करीब 250 बच्चे शिक्षा ग्रहण करने की व्यवस्था हैं, लेकिन पढ़ाने के लिए केवल एक शिक्षिका नियुक्त हैं। इससे न केवल बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है, बल्कि उनमें शिक्षा के प्रति रुचि भी कम हो रही है। नगर निगम और शिक्षा विभाग को इस समस्या पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। जिससे इस क्षेत्र में रहने वाले बच्चों का भविष्य संवर सके। शिक्षा विभाग को इस समस्या का तत्काल समाधान करना चाहिए।

बाढ़ और जल संकट की दोहरी मार से परेशानी

भागलपुर। स्थानीय निवासी नेजाहत अंसारी ने बताया कि यह क्षेत्र हर साल करीब दो महीनों तक बाढ़ से प्रभावित रहता है। जिससे लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। प्रशासन द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि या तो जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचती या फिर अपर्याप्त होती है। नदी की धार सूखने के कारण जलस्तर बहुत नीचे चला गया है। जिससे क्षेत्र में जल संकट बना रहता है। गांव के अधिकांश लोग चापाकल पर निर्भर हैं। गर्मी के दिनों में पानी का संकट होने लगता है। नगर निगम द्वारा पानी की समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यह क्षेत्र भले ही नगर निगम के अंतर्गत आता है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में ग्रामीण इलाके से भी बदतर स्थिति में है।

नालों का निर्माण और सड़क की मरम्मत हो

भागलपुर। वार्ड एक के पूर्व वार्ड पार्षद देवाशीष बनर्जी ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र की शुरुआत इसी वार्ड से होती है। लेकिन इस मोहल्ले में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। मोहल्ले में पुराना नाला है, लेकिन उस पर ढक्कन नहीं होने से बच्चे गिर चोटिल होते हैं। सड़क की स्थिति भी अच्छी नहीं है। चंपा नदी का पानी पहले की तुलना में काफी दूषित हो चुका है। चापाकल के पानी में आर्सेनिक की मात्रा अधिक पाये जाने की शिकायत मिल रही है। संबंधित विभाग को जल्द से जल्द इस क्षेत्र के पानी की गुणवत्ता की जांच करनी चाहिए, ताकि लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके। बगल में सरकारी बोरिंग है, लेकिन जरूरत के अनुसार मोहल्ले के लोगों को पानी नहीं मिल पाता है। सरकारी योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचाने की जरूरत है।

जल निकासी और सफाई की व्यवस्था हो

भागलपुर। छात्र युवा किसान क्लब के अध्यक्ष कार्तिक मंडल ने बताया कि उनकी उम्र लगभग 63 साल हो चुकी है। लेकिन अब तक इस क्षेत्र की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। वर्षों पहले सड़क का निर्माण किया गया था। लेकिन वह सड़क अब जर्जर हो चुकी है। सड़क किनारे बेहतर तरीके से नाला का निर्माण नहीं किया गया है। जल निकासी की व्यवस्था नहीं रहने से लोग जलजमाव से परेशान हैं। बारिश के दौरान नालों का गंदा पानी सड़कों पर बहता है, जिससे लोगों को आवागमन में काफी दिक्कत होती है। निगम प्रशासन मोहल्ले में जल निकासी, सड़क मरम्मत और सफाई व्यवस्था को बेहतर करे। यहां के किसानों को भी बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने की जरूरत है।

इनकी भी सुनिए

इस क्षेत्र को सांसद निधि से कोई लाभ नहीं मिलता है। वर्षों से लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। क्षेत्र में अंतिम बार सड़क का निर्माण 2005 में हुआ था। अब इसकी स्थिति जर्जर हो गई है कि लोगों का चलना भी मुश्किल हो गया है।

-सुनील कुमार

यह इलाका बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है। पानी भर जाने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। जमुनिया नदी पर रिंग बांध बनाने पर बाढ़ की समस्या से राहत मिल सकती है। हर साल बारिश के दौरान क्षेत्र में पानी भर जाता है। घर छोड़कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ती है।

-संजीव कुमार मंडल

नाला निर्माण नहीं होने के कारण आरा मिल के पास पानी जमा हो जाता है। जिससे स्थानीय लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बारिश के दौरान स्थिति और बदतर हो जाती है। सड़क पर पानी भर जाने के कारण लोगों का आना-जाना मुश्किल हो जाता है।

-कैलाश मंडल

चंपा नदी के पार कई लोगों की जमीन है, जो नगर निगम क्षेत्र में आता है। बीमारी और बेटी की शादी सहित अन्य काम से जमीन बेचने की जरूरत पड़ी है। लेकिन निबंधन शुल्क अधिक होने के चलते खरीदार नहीं मिलता है। निबंधन शुल्क कम होना चाहिए।

-दिनेश कुमार दिनकर

क्षेत्र में खेलने के लिए कोई मैदान उपलब्ध नहीं है। जिससे बच्चों और युवाओं को खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों में कठिनाई होती है। खेल की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बच्चे मोबाइल में ज्यादा समय बिताने लगे हैं। जिससे उनके शारीरिक और मानसिक विकास पर असर पड़ रहा है।

-राजदेव मंडल

घर जर्जर स्थिति में है। आवेदन देने के बावजूद आवास योजना का लाभ नहीं मिलता है। जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। गरीब परिवारों को आवास योजना का लाभ मिलना चाहिए।

-रेखा देवी

शौच की उचित व्यवस्था नहीं है। खुले में शौच जाने की मजबूरी है। सरकारी योजनाओं के तहत क्षेत्र में शौचालय निर्माण नहीं हुआ है। जनप्रतिनिधियों को इस समस्या की जानकारी दी गई। रात में और बारिश के दिनों में शौच जाना मुश्किल हो जाता है। हर घर में शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए।

-कंचन देवी

इस क्षेत्र में नाला निर्माण पूर्ण रूप से नहीं हुआ है। जहां नाला बना भी है, वहां ढक्कन नहीं लगाया लगाया गया है। बारिश के दौरान नालों का गंदा पानी सड़क पर बहने लगता है, जिससे कठिनाई होती है। मोहल्ले में जलजमाव की समस्या का समाधान होना चाहिए।

-नूतन कुमारी

इस क्षेत्र के हर घर में सप्लाई का पानी उपलब्ध नहीं है। जिससे लोगों को चापाकल के पानी पर आश्रित रहना पड़ता है। गर्मी में चापाकलों का जलस्तर गिर जाता है। जिससे पीने के पानी की किल्लत बढ़ जाती है। उचित व्यवस्था न होने से लोगों को दूर से पानी लाना पड़ता है।

-सत्यभामा देवी

नगर निगम के अंतर्गत आने के बावजूद यहां सफाई की उचित व्यवस्था नहीं है। सफाई कर्मी कभी-कभी आते हैं। जिससे सड़क और गलियों में गंदगी जमा हो जाती है। बारिश के दौरान नालों की सफाई न होने से पानी सड़कों पर बहता रहता है।

-जीवन लाल मंडल

खेतों की सिंचाई के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं है। इससे किसानों को आर्थिक संकट होता है। पानी की कमी के कारण फसलों का उत्पादन प्रभावित होता है। सरकार को क्षेत्र में सिंचाई की बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए।

-विक्रम संवेद

पानी की समय-समय पर जांच नहीं होने से लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। स्कूल में पढ़ाई की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। शिक्षकों की कमी को प्रशासन जल्द दूर करे। शिक्षकों की कमी के चलते बच्चों को मोहल्ले में स्कूल होने का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

-विजय कुमार

समस्याएं

1. सभी घरों में पीने के लिए सप्लाई का शुद्ध पानी उपलब्ध नहीं है।

2. सभी परिवारों के घर में शौचालय उपलब्ध नहीं है।

3. 2005 में बनी सड़कें जर्जर हो चुकी हैं, आवागमन में दिक्कत होती है।

4. सफाई कर्मी नियमित रूप से मोहल्ले में सफाई करने नहीं आते।

5. हर साल जलजमाव और बाढ़ से लोगों को परेशानी होती है

सुझाव

1. क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाकर शुद्ध पानी की आपूर्ति की जाए।

2. हर घर शौचालय योजना के तहत जरूरतमंद परिवारों को शौचालय उपलब्ध कराए जाए।

3. जर्जर सड़कों की मरम्मत और नयी सड़क का निर्माण कराया जाए।

4. सफाई कर्मियों की नियमित तैनाती और कचरा प्रबंधन की उचित व्यवस्था हो।

5. चंपा नदी पर रिंग बांध या चेकडैम बनाया जाए।

बोले जिम्मेदार

वार्ड एक में पेयजल आपूर्ति के लिए व्यवस्था की गयी है। एक बोरिंग लगाया गया है। एक प्याऊ की भी व्यवस्था है। अगर लालूचक में लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है तो उसकी व्यवस्था की जाएगी। हर समस्या का समाधान किया जाएगा। पुल-पुलिया, नाला और नाला पर ढक्कन आदि बनाने के लिए सभी वार्ड पार्षदों को 10-10 लाख रुपये आवंटित किया गया है। उस राशि से नाला का निर्माण और ढक्कन लगाया जाएगा। सफाई और सड़क की भी व्यवस्था होगी। स्कूल में अगर शिक्षक की कमी है तो जिला शिक्षा पदाधिकारी से बात कर उसका समाधान किया जाएगा। बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी जाएगी। नगर निगम से भी इस बारे में जानकारी ली जाएगी।

-डॉ. बसुन्धरा लाल, मेयर, भागलपुर

एक शिक्षक के भरोसे पांच कक्षा की होती है पढ़ाई

भागलपुर। नगर निगम के वार्ड एक के लालूचक मोहल्ले में शिक्षा की बेहतर व्यवस्था नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। प्राथमिक विद्यालय लालूचक में कक्षा एक से पांचवीं तक की पढ़ाई होती है। लेकिन स्कूल में मात्र एक शिक्षिका कार्यरत हैं। बच्चों की संख्या घटकर 94 रह गयी है। छात्रों के हिसाब से शिक्षकों की तैनाती नहीं करने से मोहल्ले के लोगों में नाराजगी है।

लालूचक के संजीव कुमार ने बताया कि पहले इस स्कूल में 250 छात्र पढ़ते थे। लेकिन इनकी संख्या लगातार कम होती जा रही है। शिक्षकों की कमी का असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ता है। नगर निगम क्षेत्र में रहने के बावजूद पढ़ाई की स्थिति खराब है। शिक्षकों की नियुक्ति के लिए कई बार नगर निगम में आवेदन देकर गुहार लगायी गयी। बावजूद निगम प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। सभी कक्षा के छात्रों को उन्हें ही पढ़ाना पड़ता है। गर्मी के दिनों में चापाकल सूख जाता है। छात्रों को बगल के बोरिंग से पीने का पानी लाना पड़ता है। पढ़ाई ठीक से नहीं होने के चलते कुछ छात्र स्कूल छोड़ देते हैं तो कुछ दूसरे स्कूलों में पढ़ने चले जाते हैं। स्कूल की शिक्षिका कुमारी सुलेखा ने बताया कि शिक्षकों की समस्या का समाधान करने के लिए नगर निगम से अनुरोध किया गया।

लालूचक के विजय कुमार ने बताया कि यहां के लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। नयी सड़क नहीं बनायी जा रही है। पुरानी सड़कें टूटने लगी हैं। पहले से पुराना नाला बना हुआ है। खुला रहने के चलते बच्चे और वृद्ध इसमें गिरकर घायल हो जाते हैं। बाढ़ के समय पानी भरने से नाला का पता नहीं चलता है। इसके चलते भी दुर्घटनाएं होती रहती हैं। चंपा नदी के पार भी मोहल्ले के लोगों की जमीन है। वह क्षेत्र भी नगर निगम के अन्तर्गत आता है। लेकिन वहां सिंचाई की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है। मोहल्ले में सफाई के लिए कर्मी नहीं आते हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता नेजाहत अंसारी ने बताया कि बाढ़ से बचाव की व्यवस्था तत्काल होनी चाहिए। बाढ़ से लालूचक के अलावा नगर निगम क्षेत्र के अन्तर्गत पड़ने वाले कई मोहल्ले प्रभावित होते हैं। लोगों को घर छोड़कर दूसरी जगह शरण लेनी पड़ती है। चंपा नदी के किनारे बांध बनाकर बाढ़ से बचाव किया जा सकता है। मोहल्ले में सफाई की व्यवस्था बेहतर नहीं है। मुख्य सड़क के बगल में नाला का निर्माण जल्द होना चाहिए। यहां के लोगों को खेती का संसाधन उपलब्ध कराना चाहिए। निचला इलाका होने के चलते जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। अगर जरूरत के अनुसार नाला का निर्माण हो तो जलजमाव की समस्या से राहत मिल सकती है।

वार्ड एक की पार्षद प्रीति देवी ने बताया कि बुढ़िया काली में सरकारी बोरिंग है। वहां से लालूचक को पानी दिया जाता है। घर-घर शुद्ध जल आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है। बुद्धूचक में एक प्याऊ है। स्कूल में शिक्षकों की कमी को दूर किया जाएगा। नाला पर ढक्कन लगाने और जरूरत के अनुसार नाला का निर्माण करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। मोहल्ले के लोगों की जो भी समस्या है। उसका समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। बाढ़ से बचाव के लिए संबंधित अधिकारियों से बात की जाएगी।

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