विशालकाय शिवलिंग पर जलाभिषेक के लिए लगी रही कतार
अमांव गांव के शिव मंदिर के गर्भगृह में 10 फुट गहराई में स्थित शिवलिंग पर हजारों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। सुबह से लेकर दोपहर तक भक्तों की कतार लगी रही। शिवलिंग के जल से भरे अरघे का अद्भुत रहस्य भी...

अमांव के शिवदयाल शिव मंदिर के गर्भगृह में 10 फुट नीचे है शिवलिंग हजारों भक्तों ने किया जलाभिषेक, पर नहीं भर पाया शिव का अरघा चैनपुर।, एक संवाददाता। प्रखंड के अमांव गांव के शिव मंदिर के गर्भगृह में 10 फुट गहराई में स्थित शिवलिंग पर जलाभिषेक करने के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह चार बजे से लेकर दोपहर तीन बजे तक भक्तों की कतार लगी रही। महाशिवरात्रि पर इस अद्भुत एवं विशालकाय शिवलिंग की पूजा करने के लिए उत्तर प्रदेश व बिहार के विभिन्न जिलों से भक्त आए थे। इसे सुरक्षित रखने के लिए उसके उपर ताम्रपत्र की चादर ओढ़ाई गई है। इस शिवलिंग के महात्म एवं उनके प्राकट्य होने की कहानी भी अद्भुत है। यूपी के शहबाजपुर, चंदौली, भतीजा, हाटा, खरिगावां, लोदीपुर, दुबे के सरैयां, पर्वतपुर, शिवपुर, बखारी देवी, रमौली, बढ़ौना सहित दर्जनों गांवों के भक्तों ने पूजा-अर्चना की। शाम में भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। पुजारी बच्चन तिवारी, मंदिर समिति के सदस्य श्रीकांत तिवारी, बलदाऊ पटेल, दीवाकर साधु, रवि पटेल, सरोज पटेल ने बताया कि करीब 200 वर्ष पहले गांव के ‘बाबा के नाम से प्रसिद्ध रामशरण सिंह हुआ करते थे। जिस स्थल पर दयालनाथ शिव मंदिर स्थापित है, उसी के बगल में उनका घर हुआ करता था। उन्होंने बताया कि उनके वंशज आज भी उस मकान में रहते हैं। उन्होंने एक कुएं की खुदाई करवाई थी, जिसमें एक विशालकाय गोल पत्थर की आकृति दिखाई दी। मजदूर उसे निकालने की कोशिश किए, पर नहीं निकल सका। जितनी खुदाई होती गई, खंभेदार उस पत्थर की आकृति नीचे जाती रही। मजदूरों ने खुदाई बंद कर दी। मंदिर के पुजारी बच्चन तिवारी जी बताते हैं कि शिवलिंग की खासियत यह है कि हजारों भक्तों द्वारा जलाभिषेक किए जाने के बाद भी शिव का यह अरघा जल से लबालब नहीं भर पाता है। जबकि अरघे से बाहर जलाभिषेक का पानी निकलने का कोई दूसरा रास्ता भी नहीं है, जो लोगों को आश्चर्य करता है। गांव के 72 वर्षीय गोपाल सिंह बताते हैं कि अमांव को शिवनगरी कहते हैं। मंदिर परिसर में चाहे जितनी भीड़ आए, इसका एक कोना खाली ही रह जाता है। मंदिर में पहुंचने का है सुगम मार्ग स्वामी दयाल नाथ शिव मंदिर जिला मुख्यालय भभुआ से महज 15 किमी. की दूरी पर है, जहां चैनपुर-धरौली सड़क से पहुंचा जा सकता है। यूपी से चंदौली एवं धरौली होकर श्रद्धालु यहां आते हैं। दयालनाथ मंदिर के अलावा हाटा तालाब, खरिगावां, चैनपुर के मठिया स्थित शिवमंदिर में श्रद्धालुओं की कतार लगी थी। फोटो- 26 फरवरी भभुआ- 12 कैप्शन- अमांव के स्वामी दयालनाथ शिवमंदिर में महाशिवरात्रि पर पूजा-अर्चना करने के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
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