धीरेन्द्र शास्त्री क़े आशीर्वचन में शामिल होंगे तीन लाख भक्त
9 मार्च को धोरैया आएंगे धीरेन्द्र शास्त्री9 मार्च को धोरैया आएंगे धीरेन्द्र शास्त्री धोरैया(बांका)संवाद सूत्र प्रखंड के गौरा गांव में आगामी 4 मार्च स
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धोरैया(बांका), संवाद सूत्र। प्रखंड के गौरा गांव में आगामी 4 मार्च से 13 मार्च तक आयोजित होने वाले सहस्त्र चंडी महायज्ञ को लेकर गुरुवार को कार्यक्रम के संचालक आचार्य गौरव कृष्ण चंद्र शास्त्री तथा यज्ञ समिति के अध्यक्ष समाजसेवी कौशल कुमार सिंह द्वारा संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस किया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे कार्यक्रम के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी आचार्य गौरव कृष्ण चंद्र शास्त्री द्वारा दी गई। बताया गया कि 4 मार्च को भव्य कलश शोभा यात्रा के साथ कार्यक्रम का आगाज महाकालेश्वर उज्जैन के औघड़ों व संतों द्वारा किया जाएगा। जिसमें हाथी घोड़े के साथ-साथ 11 हजार महिलाओं की संख्या में कलश शोभा यात्रा दिन के 11 बजे मंदिर प्रांगण से निकाली जाएगी।इसी दिन संध्या 7 बजे व्यास मंच का दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। उसी दिन भागवत कथा के प्रथम सत्र का भी शुभारंभ होगा। कथावाचक के रूप में डॉक्टर संजीव कृष्ण ठाकुर प्रवचन करेंगे। 5 मार्च को सहस्त्र चंडी महायज्ञ में देश के कोने-कोने से विद्वानों की उपस्थिति होगी। इसी दिन द्वारिका शारदापीठ के आदि गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज का आगमन होगा। यज्ञ मंडप प्रवेश तथा अग्नि स्थापन कार्यक्रम भी आहूत किए जाएंगे। जिसका शुभारंभ सुबह 8 बजे से 12 बजे तक तथा द्वितीय सत्र में 3 से 6 बजे तक प्रत्येक दिन होगा।वृंदावन की रास मंडली भी इस दिन पधारेगी, जो रासलीला का आयोजन करेगी। 6 मार्च को प्रतिदिन की भांति कार्यक्रम आहूत होंगे। प्राण प्रतिष्ठा के निमित्त 7 मार्च से आदि गुरु शंकराचार्य सदानंद सरस्वती जी महाराज यहां 5, 6 एवं 7 मार्च को 3 दिन उपस्थित रहेंगे। 6 मार्च को उनके आशीर्वचन का कार्यक्रम होगा। 7 मार्च को प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम होगा। 8 मार्च को गीता मनीषी ज्ञानानंद जी महाराज, जैन संत आचार्य लोकेश मुनि का आगमन होगा। 8 मार्च को 12 ज्योतिर्लिंगों के पुजारी का भी आगमन होगा। 9 मार्च को भगवान शिव की प्राण प्रतिष्ठा होगी। इसी दिन आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का आगमन दिन के 10 बजे हेलीकॉप्टर से होगा ,जो यहां 3 घंटे तक रहेंगे। मंच पर एक घंटे का कार्यक्रम होगा। उसी दिन निरंजनी अखाड़ा के आचार्य कैलाशानंद गिरी जी महाराज, हनुमान गढ़ी अयोध्या के महंत राजू जी ,आगमानंद जी महाराज, संजीव कृष्ण ठाकुर जी सहित अन्य संतों का आगमन होगा।मंदिर व मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा के बाद काशी के विद्वानों द्वारा गंगा महा आरती भी की जाएगी। 9, 10 ,11 एवं 12 मार्च को भक्तमाल की कथा आचार्य गौरव कृष्ण चंद्र शास्त्री द्वारा सुनाई जाएगी। 9 मार्च की रात्रि में ही भक्ति संगीत का कार्यक्रम की आयोजित किया जाएगा। 10 मार्च को भागवत कथा का समापन होगा। इसी दिन देश के सभी संतों का संत सम्मेलन होगा तथा इस मौके पर बिहार एवं झारखंड के राज्यपाल के भी मौजूद रहने की संभावना है। 11 मार्च को भी पूर्व की भांति यज्ञ व अन्य कार्यक्रम होंगे। 12 मार्च को लोक गायिका देवी सहित अन्य का कार्यक्रम निर्धारित है। 13 मार्च को इस महान अनुष्ठान की पुर्नाहुति दोपहर 12 बजे चारों वेदों के आचार्य व 101 ब्राह्मणों की उपस्थिति में होगी। मौके पर जिप सदस्य रफीक आलम, अमित कुमार पाठक, प्रदीप कुमार मिश्रा सहित अन्य मौजूद रहे।
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