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रमजान : कल चांद दिखा तो 2 मार्च को रखा जाएगा पहला रोजा

  • मुस्लिम समुदाय में इस माह का बहुत अधिक महत्व होता है। रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है। इस माह को उपवास और प्रार्थना करने का पवित्र महीना माना जाता है।

Yogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्लीFri, 28 Feb 2025 09:19 PM
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रमजान : कल चांद दिखा तो 2 मार्च को रखा जाएगा पहला रोजा

Ramadan 2025: मुस्लिम समुदाय में इस माह का बहुत अधिक महत्व होता है। रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है। इस माह को उपवास और प्रार्थना करने का पवित्र महीना माना जाता है। मुस्लिम समुदाय के लोग इस दौरान सुबह सेहरी खाने के बाद उपवास की शुरुआत करते हैं और फिर रात में इफ्तार से उपवास खोलते हैं। मुस्लिम धर्म के अनुसार रमजान सभी व्यस्क मुसलमानों के लिए बेहद जरूरी होता है, लेकिन बीमार व्यक्ति और गर्भवती महिलाओं के लिए ये जरूरी नहीं होता है। इस माह के अंत में ईद- उल- फितर का त्योहार भी मनाया जाता है। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार मोहम्मद साहब को इसी महीने में इस्लाम धर्म की पवित्र पुस्तक कुरान शरीफ का ज्ञान प्राप्त हुआ था। तब से इस महीने को रमजान के तौर पर मनाया जाने लगा। इस्माल में मानने वाले लोग रमजान के दौरान सांसारिक सुखों, फिजूलखर्ची को छोड़ कर खुलकर दान करते हैं।

शनिवार को दिख सकता है चांद

माहे रमजान आने को है। उम्मीद जताई जा रही है कि शनिवार को चांद नजर आ जाएगा और तरावीह शुरू हो जाएंगीं। इतवार को पहला रोजा रहेगा। इसके लिए मस्जिदों और मदरसों से लेकर घरों तक इनकी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गईं हैं। तरावीह के लिए सफे आदि भी साफ कर लिए गए हैं। कई मस्जिदों और मदरसों को रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया है। माह-ए-रमजान का महीना अफजल महीना है। इस माह मुसलमान एहतराम के साथ रोजा रखते हैं। माह-ए-रमजान के महीना अल्लाह का महीना है। रमजान के रोजा फर्ज है। इसमें एक फर्ज नमाज में 70 गुना अधिक सवाब(पुण्य) मिलता है। तरावीह की नमाज की भी काफी अहमियत है। रमजान में हर नेकी का बदला अल्लाह खुद देता है। हर सेहतमंद पर रोजा फर्ज है।

चांद नजर आने पर माहे रमजान का होगाा ऐलान

1 मार्च को माहे रमजान उल मुबारक 1446 हिजरी का चांद देखा जाएगा। चांद नजर आने पर माहे रमजान उल मुबारक का ऐलान कर दिया जाएगा।

इन बातों का रखें ध्यान-

-बुराईयों से परहेज करें।

-पांबदी के साथ पांच वक्त की नमाज पढ़े।

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